तीन-तीन विश्वदाय स्मारकों के शहर में पर्यटकों का ग्राफ तेजी से गिरा है। स्थिति यह है कि पर्यटन सीजन के पहले ही महीने में लगभग डेढ़ लाख पर्यटक कम आए। पिछले साल नवंबर की तुलना में इस नवंबर में देशी पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित गिरावट है। हालांकि विदेशी पर्यटक भी कम आए। पिछले तीन साल के दौरान नवंबर महीने में सबसे कम पर्यटक इसी साल नवंबर में रहे। इसने पर्यटन से जुड़े लोगों के माथे पर शिकन बढ़ गई है।
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ताजमहल पर आए सैलानी
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वर्ष 2018 के नवंबर की तुलना में इस नवंबर में 1,49,892 लाख पर्यटक कम आए। इसमें 1,48,972 देशी पर्यटक और 920 विदेशी पर्यटक कम रहे। ताजनगरी में नवंबर से मार्च तक पर्यटन सीजन माना जाता है। ताजमहल सहित अन्य स्मारकों के दीदार को पर्यटकों के लिए ये मौसम ठीक माना जाता है।
मार्च के बाद यहां गर्मी अधिक होती है। ऐसे में पर्यटकों को घूमने में काफी दिक्कत आती है। बारिश में भी कम ही पर्यटक रहते हैं। अक्टूबर में पर्यटकों के आने की शुरुआत होती है। नवंबर पर्यटन सीजन के मुख्य महीनों में से एक है। इसलिए पर्यटन जगत से जुड़े लोग इसी महीने से अपने सीजन की शुरुआत मानते हैं।
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बारिश में ताजमहल का नजारा
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होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान का कहना है कि कई विदेशी पर्यटकों ने अयोध्या फैसले को लेकर दुनियाभर में फैली खबर के बाद अपना बुकिंग कैंसिल कराई। अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में लगातार लगे कर्फ्यू से भी पर्यटक असमंजस में रहे। पर्यटक पूर्ण शांति के माहौल में ही घूमने का कार्यक्रम तय करता है। छोटी सी अफवाह के चलते भी वह अपना कार्यक्रम निरस्त कर देता है। वह किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहता।
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आगरा किला
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एप्रूव्ड टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशुद्दीन का कहना है कि स्मारकों पर लपकों का आतंक कम नहीं हो रहा है। हाईकोर्ट ने सभी लपकों को खत्म करने के लिए भारतीय भाषा का कोर्स करने के लिए कहा था। ताकि वह लपकागिरी छोड़कर नियमित काम कर सकें। मगर, अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। इसके अलावा ताजमहल और आगरा किले के बाद पर्यटक के लिए शहर में कुछ नहीं है, जिसको देखने के लिए वह यहां रुके।
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विश्वदाय स्मारक फतेहपुरसीकरी
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होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा का कहना है कि हमारे यहां जो पर्यटक आते हैं, उनसे बातचीत में यही निकलकर आया है कि देश में ही नहीं दुनिया में आर्थिक मंदी की स्थिति है। व्यवसायों की ग्रोथ रेट में काफी कमी है। देश में तो आर्थिक मंदी का असर दिख ही रहा है। यही वजह है कि पर्यटकों का ग्राफ तेजी से गिर रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर और देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों की बुकिंग की स्थिति भी ठीक नहीं है।
53,16,309 पर्यटक आए इस साल नवंबर तक. 45,52,740 देशी पर्यटकों ने निहारा ताजमहल, 7,63,569 विदेशी पर्यटक आए ताजमहल देखने. 5,09,651 पर्यटक आए इस साल नवंबर में, 6,59,543 पर्यटक आए नवंबर 2018 में, 5,49,040 पर्यटक आए नवंबर 2017 में