बारिश के कारण सब्जियां तो महंगी हुई हीं, गरीबों के लिए रोटी-चटनी खाना भी मुश्किल हो गया। धनिया और टमाटर के दाम बारिश के कारण आसमान पर हैं। महज 6 दिनों में ही टमाटर की आपूर्ति कम होने के कारण टमाटर के भाव थोक में 50 फीसदी और फुटकर में दोगुने हो गए हैं। सब्जी मंडी के विक्रेताओं के मुताबिक अगले सात दिनों तक टमाटर में तेजी बनी रह सकती है, लेकिन इसके बाद दाम एकदम कम होने शुरू हो जाएंगे।
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टमाटर
देश के कई हिस्सों में हो रही झमाझम बारिश के कारण सब्जियों के दाम आसमान पर हैं, लेकिन छह दिनों में इनमें और तेजी देखने को मिली है। सबसे ज्यादा महंगाई टमाटर पर छाई है। टमाटर फुटकर में 60 से 80 रुपये किलो के भाव पर बिक रहा है।
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सब्जी मंडी में दुकान पर लगीं हरी सब्जियां
शनिवार को सिकंदरा स्थित थोक सब्जी मंडी में टमाटर की क्रेट 900 रुपये किलो पर बिकी, जबकि बीते सप्ताह यह 600 रुपये किलो पर बिक रही थी। टमाटर की क्रेट 25 किग्रा वजन की होती है। टमाटर के साथ धनिया भी थोक में 200 और फुटकर में 400 रुपये किलो पर है, जबकि हरी मिर्च 80 रुपये किलो पर बेची जा रही है।
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सब्जी मंडी में टमाटर
- फोटो : अमर उजाला
सिकंदरा फल एवं सब्जी मंडी में एक सप्ताह से केवल दो से तीन ट्रक टमाटर ही आ रहा है, जबकि पूर्व में 10 से 15 ट्रक आ रहे थे। बंगलुरु से देसी टमाटर की तरह हल्के छिलके का टमाटर आ रहा है। महाराष्ट्र के नारायणगांव से हाइब्रिड की आपूर्ति होती है, लेकिन यहां बारिश के कारण टमाटर तोड़ा नहीं जा रहा।
हरी सब्जियों में भिंडी के फुटकर दाम 40 रुपये, फली 40, शिमला मिर्च 80, कटहल 40-60, बैंगन 30-40, परवल 60, तोरई 30 और कद्दू 20 रुपये किलो पर बिक रहा है। फ्रूट एंड वेजीटेबल एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैया लाल मानवानी ने बताया कि शिमला और महाराष्ट्र से टमाटर की आवक नहीं हो रही है। केवल बंगलुरू से टमाटर की सप्लाई हो रही है। अगले पांच से सात दिनों में महाराष्ट्र से आवक शुरू हो सकती है। तब टमाटर के दाम नीचे आ पाएंगे।