यूपी के आगरा स्थित थाना मंसुखपुरा क्षेत्र के गांव पापरी नागर तिराहे के पास एक गिट्टी से भरे ओवरलोड डंपर ट्रक ने बाइक सवार लोगों को अपनी चपेट में लेकर उन्हें कुचल दिया। जिससे मौके पर ही महिला और उसकी पुत्री एवं बहन के लड़के तीनों लोगों की मौत हो गई।
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डंपर ने बाइक सवार तीन लोगों को कुचला
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के थाना मंसुखपुरा के गांव पापरी नागर तिराहे के पास बृहस्पतिवार शाम को राजाखेड़ा (राजस्थान) से आ रहे तेज रफ्तार खनन के डंपर ने बाइक सवार मां-बेटी सहित 3 लोगों को चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि तीनों बाइक सहित डंपर के आगे के पहिये के पास फंस गए। इसके बावजूद चालक ने ब्रेक नहीं लगाए। रास्ते से निकल रहे लोगों ने शोर मचाया। मगर चालक ने स्पीड बढ़ा दी। इस कारण तीनों फंसे हुए लोग सड़क पर घिसटने लगे। इससे उनकी माैत हो गई।
मृतकों के खून और शरीर के टुकड़े सड़क पर बिखर गए। बाद में लोगों के पीछा करने पर चालक 600 मीटर पर डंपर रोकने के बाद खेतों में होकर परिचालक सहित भाग गया। घटना के बाद लोगों ने साढ़े तीन घंटे तक शवों को नहीं उठने दिया। डंपर में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस की मिलीभगत से खनन के वाहनों के परिवहन के आरोप लगाए। बाद में एसडीएम के कार्रवाई के आश्वासन देने पर मान गए।
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आक्रोशित लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव कएड़ी, थाना मंसुखपुरा निवासी किसान राम सेवक की पत्नी सुनीता देवी बृहस्पतिवार की दोपहर एलपीजी सिलिंडर के लिए ई केवाईसी कराने भदराैली स्थित गैस एजेंसी के कार्यालय गई थीं। उनके साथ बेटी डॉली और बहन का बेटा अखिलेश भी थे।
ई केवाईसी कराने के बाद दोपहर तकरीबन 3 बजे तीनों घर के लिए बाइक से निकले थे। आधा घंटे बाद थाना मंसुखपुरा के गांव पापरी नागर के पास पिनाहट-राजाखेड़ा मार्ग पर राजाखेड़ा की तरफ से आते डंपर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। मृतकों में सुनीता देवी (30), उनकी बेटी डाॅली (7) और सुनीता की बहन का बेटा अखिलेश (18) हैं।
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डंपर से हुआ हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डंपर गिट्टी से भरा था। हादसे के बाद भी चालक ने डंपर को नहीं रोका। इस कारण बाइक डंपर के आगे के एक पहिये और उसकी बाडी के बीच में फंस गई। इसमें तीनों लोग भी फंसे रह गए। यह दृश्य देखकर रास्ते से निकल रहे लोगों की चीख निकल गई। लोगों ने शोर मचाया, लेकिन चालक ने स्पीड बढ़ा दी।
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बाइक हो गई चकनाचूर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह डंपर को तेज गति से दाैड़ाने लगा। वहीं बाइक के साथ फंसी मां-बेटी और युवक सड़क से घिसटने लगे। सड़क पर खून और तीनों के शरीर के टुकड़े बिखर गए। 600 मीटर तक डंपर ले जाने के बाद चालक और क्लीनर ने स्पीड कम की और कूद गए। खेत में होकर दोनों भाग निकले। घटना के बाद लोग जुट गए।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूचना के 20 मिनट बाद पुलिस पहुंच गई। ग्रामीणों ने शवों को उठने नहीं दिया। परिजन भी आ गए। उनमें कोहराम मच गया। उन्होंने चालक की गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि ओवरलोड डंपर खनन की बालू और गिट्टी लेकर जाते हैं। आरोप लगाया कि पुलिस के सहयोग से डंपरों को निकाला जा रहा है। पुलिस खड़ी रहती है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होती है। कई बार हादसे हो चुके हैं। साढ़े तीन घंटे तक जाम लगाकर नारेबाजी करते रहे। शवों को भी नहीं उठने दिया। एसडीएम बाह संतोष शुक्ला ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब ग्रामीण मान गए। इसके बाद ही तीनों मृतकों के क्षत विक्षत शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
लोगों के समझाती पुलिस अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुस्साए ग्रामीणों ने डंपर में की तोड़फोड़
ग्रामीण हादसे के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। उन्होंने डंपर में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन वो नहीं माने। इस पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच काफी देर तक तकरार होती रही। किसी तरह परिवार और ग्रामीणों को समझाया गया।