फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: नगर निगम ने नाला सफाई पर खर्च कर दिए तीन करोड़ रुपये, लेकिन ये तस्वीरें बयां कर रहीं हकीकत

Thu, 18 Jun 2026 08:42 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में नालों की सफाई पर तीन करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद शहर के कई बड़े नाले अब भी चोक पड़े हैं। मामूली बारिश में जलभराव से नगर निगम के दावों पर सवाल उठ गए हैं और पार्षदों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
 
विज्ञापन
1 of 5
नालों की सफाई का हाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नालों की सफाई एक अप्रैल से शुरू की गई। 75 दिनों में शहर के 18 नालों की सफाई का काम नगर निगम के 396 कर्मचारी और 41 मशीनें नहीं कर पाई, जिनके केवल दो माह के वेतन और डीजल पर ही 3 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की बारिश में ही शहर की हर गली, मोहल्ला जलभराव का शिकार हो गया। मानसून की पहली बारिश में हालात और खराब होने की आशंका है। पार्षदों ने नगर आयुक्त से शिकायत की है कि तीन करोड़ रुपये खर्च होने पर भी नालों की सिल्ट और प्रवाह में कोई फर्क नजर नहीं आया है।

ताजमहल से लेकर सिकंदरा और मधु नगर से दयालबाग तक के नालों की तलीझाड़ सफाई के दावे नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने किए हैं। पार्षदों ने 15 जून की मियाद पूरी होने के बाद नालों की सफाई का काम देखना शुरू किया तो हकीकत सामने आ रही है। पार्षद नालों की सफाई देखकर हैरत में हैं। मार्च में नाले जिस तरह से चोक थे, अब भी वैसे ही मिल रहे हैं। नालों में कचरा पहले से ज्यादा भरा मिल रहा है, लेकिन आंकड़ों में 18 में से 13 बड़े नालों को साफ दिखाया जा रहा है।
 
विज्ञापन

2 of 5
नाले में भरी गंदगी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नगर स्वास्थ्य अधिकारी को हटाने की मांग
रवि माथुर, पार्षद- नगर स्वास्थ्य अधिकारी को हटाया जाए। उन्हें नालों की जानकारी ही नहीं है, सफाई कैसे कराएंगे। एक भी नाला तलीझाड़ साफ नहीं हुआ है। तीन करोड़ रुपये बर्बाद हो गए और पूरा शहर पानी में हर बारिश में डूब रहा है। -
राकेश जैन, पार्षद- गैंग के कर्मचारियों के साथ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी नाला सफाई में लगाया गया है। 1500 कर्मचारियों का पता नहीं। नाले साफ हुए नहीं, फिर यह 3 करोड़ रुपये कहां चले गए।
जरीना बेगम, पार्षद - क्षेत्र में नालों की सफाई नहीं हुई है। सराय ख्वाजा, खेरिया मोड़, जगनेर रोड पर मामूली बारिश में ही एक से दो फुट तक पानी भर रहा है। सिल्ट और कचरा नालों में भरा पड़ा है। 


ये  भी पढ़ें -  UP: जिस निक्कू को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा, उसने क्यों बेरहमी से की बहन की हत्या; पढ़ें संपत्ति विवाद की ये कहानी

 
विज्ञापन

3 of 5
नाले में भरी गंदगी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डॉ. संजीव वर्मा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी - नालों की सफाई की गई है। कुछ जगह फ्लोटिंग बहकर आ गई है। हमने फोटो सहित और जिओ टैग के साथ रिपोर्ट बनाई है। जहां मशीन नहीं जा सकती, वहां नालों की सफाई नहीं हो पाई।


ये  भी पढ़ें -  यूपी में बढ़ीं स्कूल की छुट्टियां: भीषण गर्मी की वजह से आया नया आदेश, जानें अब कब खुलेंगे विद्यालय
 

4 of 5
नाले में भरी गंदगी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ये हैं बड़े नाले, जिनकी सफाई पर सवाल
- सदरवन से आगरा किला तक 12 किमी. लंबा नाला
- अजीत नगर से काजीपाड़ा तक 6 किमी. लंबा नाला
- साकेत चौराहे से एसटीपी तक 3 किमी. लंबा नाला
- भावना प्लाजा से फ्रीगंज, भैंरो बाजार, 15 किमी. लंबा नाला
- नगला पदी से जमुना किनारा, 5 किमी. लंबा नाला
- नाहरगंज से तेलीपाड़ा तक 3 किमी. लंबा नाला
- शमशाबाद रोड से यमुना नदी टेनरी तक, 8 किमी.
- पीएसी मैदान से देवरी रोड तक 10 किमी. लंबा नाला

ये  भी पढ़ें - बहन से नफरत की इंतहा: छह गोलियां चलाईं, जिनमें से तीन मुंह पर दागीं; फांसी की सजा सुनते ही रो पड़ा कातिल भाई


 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
नगर निगम आगरा
न्यूमेरिक्स
- 396 कर्मचारी नालों की सफाई में लगाए
- 41 मशीनों से सफाई का किया दावा
- 15 मशीनें लगातार बनी रहीं खराब
- 491 लीटर डीजल हर दिन नालों पर खर्च
- 18 बड़े नालों में से 13 साफ करने का दावा

ये  भी पढ़ें -  UP: आगरा-दिल्ली हाईवे पर होदसों ने रोकी रफ्तार, इस कदर जाम में फंसे वाहन; डीसीपी ट्रैफिक को आना पड़ा

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें