आवारा पशुओं को लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। मथुरा में लगातार चार दिन से सरकारी स्कूलों में आवारा गोवंश को बंद किया जा रहा है। इससे जहां बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। वहीं हजारों गायों को न पानी मिल रहा है और न ही चारा।
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भीषण ठंड के मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने से सैकड़ों गाय बीमार हो गई हैं। मथुरा अब तक छह गायों की मौत भी हो चुकी है। इस पर न प्रशासन सुध ले रहा है और न ही गोरक्षक। रविवार को भी किसानों ने गोवंश को पकड़कर स्कूलों में बंद कर दिया।
खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने वाले गोवंश को पकड़कर स्कूलों में बंद करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार को भी मथुरा के मांट, नौहझील, राया और बलदेव क्षेत्र के किसानों ने जंगल में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले पशुओं को पकड़कर गांव के स्कूलों में बंद कर दिया था।
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तहसीलदार के सामने हंगामा
वहीं राया के प्राथमिक विद्यालय खिरारी में तीन दिन से बंद गोवंश को मुक्त कराने को तहसीलदार महावन पीपी पाठक पहुंचे तो किसानों ने हंगामा किया। किसानों का कहना था कि प्रशासन इन खुले में घूम रहे गोवंश को गोशाला में पहुंचाए जिससे किसानों की फसलों को बचाया जा सके। तहसीलदार के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए।
राया के प्राथमिक विद्यालय सोनई में भी खुले में घूम रहे पशुओं को बंद कर दिया गया। लेकिन पानी और चारे की व्यवस्था नहीं की गई है। कई दूसरे स्थानों पर भी प्रशासनिक अफसर पहुंचे और स्कूलों में बंद गोवंश को मुक्त कराया। जो गाय बीमार हो गईं हैं उनका इलाज कराया जा रहा है।
इन क्षेत्रों में बंद हैं गाय
- राया ब्लाक के गांव खिरारी, सोनई,
- मांट ब्लाक के गांव नगला गंगा, ककरारी, नगला बिंदा, पसौली, हरनौल, नगला हरिया, भालई, भगत नगरिया, ओवाबा, भिदोनी।
- नौहझील ब्लाक के गांव पब्बीपुर, बिर्जी की नगरिया, कराहरी, डडीसरा, टैंटीगांव, नगला जयसिंह, तुलाईगढ़ी, मेंहदीपुर, राजा की गढ़ी, नया बांस, नगला
हरिया।
- बलदेव ब्लाक के गांव नगलाबेर और अकौस।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि समस्या का जल्द ही हल निकाल लिया जाएगा। हमें गोवंश को भी सुरक्षित रखना है और किसानों का नुकसान भी नहीं होने देना। इसके लिए ब्लाक स्तर पर गोशाला खोली जा रही हैं।
ग्राम पंचायतों में भी जमीन तलाशी जा रही है। ताकि बाड़ा बनाकर वहां गोवंश को रखा जा सके। इस संबंध में जिलाधिकारी को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह खुले में घूम रहे गोवंश को गोशाला में रखवाएं। जो गाय बीमार हो गई हैं उनका इलाज कराया जाए।