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आपके दिल को छू जाएगा इस बार का ताज महोत्सव, ऐसा होगा आगाज

Sat, 17 Feb 2018 10:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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ताज महोत्सव की तैयारियां - फोटो : अमर उजाला
कला और संस्कृति को समेटे 27वें ताज महोत्सव का रविवार रंगारंग आगाज होगा। साथ ही 18 से 27 फरवरी तक शिल्पग्राम में लघु भारत की छटा बिखरेगी। इस बीच देश के विभिन्न प्रांतों की हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, व्यंजन और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इस बार 'धरोहर' थीम पर होने वाले महोत्सव का शुभारंभ श्रीराम नृत्य नाटिका से होगा। 
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तैयारी करता कारीगर - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को शिल्पग्राम में प्रेसवार्ता में मंडलायुक्त के. राममोहन राव ने दस दिवसीय ताज महोत्सव की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। बताया कि महोत्सव को जन सामान्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस वर्ष सूर सदन प्रेक्षागृह, सदर बाजार, आगरा कॉलेज ग्राउंड, पालीवाल पार्क, ग्यारह सीढ़ी, अशोक कॉसमास मॉल, क्वीन एम्प्रेस लाइब्रेरी पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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फर्नीचर को अंतिम रूप देता कारीगर - फोटो : अमर उजाला
आगरा कॉलेज ग्राउंड पर एनसीसी कैडेट्स के माध्यम से बैंड डिस्प्ले एवं पैरामोटर्स का आयोजन किया गया है। इसके अतिरिक्त भारतीय सांस्कृतिक परिधानों पर आधारित फैशन शो होगा। साथ ही स्थानीय लोक कला भगत, ख्यालगोई, राजपूतानी होली, चिकाड़ा का ढोला, बृज का महारास आदि विधाओं का मंचन होगा। 

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बेहतरीन कारीगरी का नमूना - फोटो : अमर उजाला
वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के हथकरघा विभाग के कुल 53 शिल्पी आमंत्रित किए गए हैं। महाराष्ट्र से एक, दिल्ली से आठ, पंजाब से तीन, उत्तर प्रदेश से 16, राजस्थान से तीन, बिहार से 10, आंध्र प्रदेश से एक, छत्तीसगढ़ से तीन, जम्मू-कश्मीर से तीन, बंगाल से सात, मध्य प्रदेश से दो और हिमाचल प्रदेश से एक शिल्पी आएंगे। इसके अतिरिक्त जूट काउंसिल से 16, जिला उद्योग केंद्र से 30 तथा आयोजन समिति की ओर से लगभग 175 शिल्पियों को आमंत्रित किया गया है।
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ताज महोत्सव में झूले लग गए - फोटो : अमर उजाला
वहीं सहारनपुर का वुड क्राफ्ट, कश्मीर का सूट एवं पशमीना शॉल, गुरुग्राम का टेराकोटा, पश्चिमी बंगाल की कान्था साड़ी, वाराणसी की सिल्क साड़ी, बिहार का सिल्क वस्त्र, भदोही का कारपेट, लखनऊ का चिकन वस्त्र, आंध्र प्रदेश का क्रोशिया तथा सिल्क वस्त्र, प्रतापगढ़ का आंवला उत्पाद, आसाम का केन फर्नीचर, गुजरात का शॉल, खुर्जा की क्रॉकरी, संभल का बोनक्राफ्ट, पिलखुआ का चादर और पंजाब की फुलकारी आदि आकर्षण का केंद्र रहेंगे। 
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