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वृंदावन: गर्मी के तेवर देख बदला ठाकुर श्रीबांकेबिहारी का खानपान, जानिए क्या होगा खास

Mon, 18 Apr 2022 12:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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रथ पर सवार होकर निकले ठाकुर बांकेबिहारी महाराज - फोटो : अमर उजाला
गर्मी से बचाव के लिए श्रीबांकेबिहारी के खानपान में बदलाव किया गया है।  ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज को शीतल पदार्थ, सुगंधित पुष्प और हल्के वस्त्र की पोशाक धारण कराए जा रहे हैं। गर्मी बढ़ी तो जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज को शीतलता प्रदान करने के लिए फूल बंगले में विराजमान कराया जा रहा है। वहीं, ठाकुरजी के खानपान में भी बदलाव आ गया है। अब उन्हें ग्रीष्म ऋतु में दिए जाने वाले ठंडे पदार्थ एवं भोग निवेदित किए जा रहे हैं।  जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के उत्सव-महोत्सवों में भावसेवा का अनूठा स्वरूप परिलक्षित होता है। यहां पूरे वर्ष संपन्न होने वाले मनोरथों में ठाकुरजी की सभी सेवाएं मौसम के अनुसार ही की जातीं हैं। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत एवं श्रीहरिदासबिहारी फाउंडेशन के संस्थापक आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि वर्तमान में भीषण गर्मी के प्रकोप से ठाकुरजी को बचाने के लिए हरसंभव जतन किए जा रहे हैं।
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रथ पर सवार होकर निकले ठाकुर बांकेबिहारी महाराज - फोटो : अमर उजाला
आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि प्रत्येक दिन दोनों समय ठाकुरजी को मंदिर जगमोहन में भव्य फूलबंगले में विराजमान कराकर चारों ओर पंखे, कूलर, एयर कंडीशनर लगाकर मंदिर को ठंडा रखा जाता है। इस समय श्रीबिहारीजी की ग्रीष्मकालीन भोग, राग, सेवा का दौर चल रहा है, जिसमें बांकेबिहारीजी को शीतल पदार्थ, सुगंधित पुष्प तथा हल्के वस्त्रों की पोशाक सेवाएं अर्पित की जा रहीं हैं। 
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ठाकुर बांकेबिहारी में दर्शन करने आए भक्त - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि फलों के रस, ठंडाई, सर्बत आदि शीतल पेय और ठंडक प्रदान करने वाले भोग पदार्थ निवेदित किए जा रहे हैं। ग्रीष्मकालीन सेवाओं का ये क्रम 31 जुलाई हरियाली तीज तक चलेगा, उस दिन ठाकुरजी झूला बिहार करेंगे। 

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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
गर्मी के इस मौसम में ठाकुरजी को हल्के सूती कपड़ों की पोशाकें धारण कराई जा रहीं हैं एवं आगे और अधिक गर्मी आने पर सारे वस्त्राभूषण काले रंग की कच्ची मलमल पर पुष्प कलियों से बनाकर प्रभुजी को धारण कराए जाएंगे।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि दिन में चार बार गुलाब, खस आदि ठंडी तासीर के इत्रों से ठाकुरजी की मालिश की जा रही है ताकि ठाकुरजी की पूरे दिन की गर्मी भरी थकान उतर जाए। 
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