एक सितंबर से ताजमहल और आगरा किला को छोड़कर बाकी छह स्मारकों को पर्यटकों को खोल दिया गया, लेकिन सैलानियों की संख्या में इजाफा नहीं हो पा रहा। अंतर्राज्यीय बसों की शुरुआत हो जाने और शनिवार-रविवार का लॉकडाउन भी खत्म हो जाने के बाद सैलानी आगरा के स्मारक देखने कम संख्या में ही आ रहे हैं।
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स्मारकों पर पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को छह स्मारकों एत्माद्दौला, अकबर का मकबरा, महताब बाग, रामबाग, फतेहपुर सीकरी और मरियम का मकबरा देखने के लिए केवल 538 सैलानी ही आए। इन सभी स्मारकों में 12 हजार सैलानी प्रतिदिन आने की अनुमति है, लेकिन महज चार से पांच फीसदी ही आ रहे हैं।
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मार्बल के बने ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
21 सितंबर से ताजमहल और आगरा किला को पर्यटकों के लिए खोला जा रहा है। स्मारकों को खोलने से पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। ताजमहल खोल दिए जाने पर कई व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाएगा। ताजमहल के अंदर भीड़ प्रबंधन के लिए लगाई गई स्टील की रेलिंग को हटाया जाएगा।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
चमेली फर्श से लेकर ऊपर मुख्य गुंबद के बाहर और अंदर स्टील की रेलिंग और क्यू मैनेजर लगाए गए थे, लेकिन अब भीड़ नहीं होगी। ऐसे में एएसआई केवल जरूरी जगहों पर ही रेलिंग रखेगा, जहां पर्यटकों को अलग अलग रखने और सामाजिक दूरी के लिए जरूरत होगी।
एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि ताजमहल में हर दिन दो बार सैनिटाइजेशन के साथ उन सभी चीजों को हटाया जा रहा है, जिन्हें लोग छूते हैं। हर दीवार पर नोटिस लगाएंगे कि लोग किसी भी सतह को न छुएं। ताजमहल में 5 हजार पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति दी गई है, लेकिन अन्य स्मारकों को खोलने के बाद सैलानियों का जो ट्रेंड है, उससे ताज में संख्या कम रहने का अनुमान है।