ताजमहल के बारे में पुरातत्व विभाग की वेबसाइट पर ही गलत जानकारी अंकित है। वेबसाइट पर एक साल पहले की प्रवेश टिकटों की दर दर्ज है। इससे पर्यटक गुमराह हो रहे हैं। टिकट खिड़की पर आए दिन विवाद हो होते हैं।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
वर्तमान में विदेशी पर्यटकों के लिए ताजमहल के दीदार के लिए 1300 रुपये प्रति पर्यटक टिकट है। इसमें 600 रुपये पुरातत्व विभाग के होते हैं। पथकर के रूप में 500 रुपये आगरा विकास प्राधिकरण वसूलता है। इसके अलावा 200 रुपये प्रति पर्यटक मुख्य गुंबद देखने का है। इस तरह से एक विदेशी पर्यटक की टिकट 1300 रुपये की पड़ती है। जबकि पुरातत्व विभाग की वेबसाइट पर 500 रुपये पुरातत्व विभाग और इतने ही आगरा विकास प्राधिकरण के दर्शाए गए हैं। इस तरह से वेबसाइट पर विदेशी पर्यटक के लिए 1000 रुपये की टिकट बताई जा रही है।
पुरातत्व विभाग की इस लापरवाही से पर्यटक परेशान हो रहे हैं। सीधे टिकट खिड़की से टिकट लेने वाले तो कर्मचारियों से उलझ भी जाते हैं। वहीं, टूर एंड ट्रेवल कंपनी के माध्यम से आने वाले पर्यटकों का कंपनी से भी विवाद हो जाता है। अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्पर्णकार का कहना है कि वेबसाइट पर टिकट दरें संशोधित नहीं हो पाई हैं। इसे एक-दो दिन में संशोधित कराया जाएगा।
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taj mahal
- फोटो : PTI
गौरतलब है कि ताजमहल पर हर रोज हजारों पर्यटक आते हैं। पर्यटकों को अब मुख्य गुंबद के लिए अलग से टिकट लेना पड़ता है। जिसके चलते उनकी जेब पर अतिरिक्त भार पड़ता है।
ताजमहल पर टिकट दर बढ़ाने के लिए पिछली माह आगरा विकास प्राधिकरण ने एक प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। जिसके पास होने के बाद ताजमहल पर टिकट दर में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी हो सकती है।