ताजमहल पर बीते साल के मुकाबले इस साल चार लाख सैलानी कम आए। साल 2019 के नवंबर माह में 5,09,651 सैलानी ताजमहल का दीदार करने आए थे। इसमें 4012,470 भारतीय और 97181 पर्यटक विदेशी थे। इस बार कुल 95 हजार पर्यटक ही ताजमहल में नवंबर के महीने में आ पाए। सैलानियों के कम संख्या के कारण आगरा के 4 लाख से ज्यादा लोगों की आजीविका पर असर पड़ रहा है। कोरोना के कारण ताजमहल के टिकटों की संख्या प्रतिदिन केवल पांच हजार ही तय की गई है। ऐसे में महीने में अधिकतम 1.30 लाख सैलानी ही ताज आ सकते हैं। शुक्रवार को ताज बंद रहता है। साल 2018 में तो ताज पर 6,59,543 सैलानी पहुंचे थे। दो साल में साढ़े 6 लाख पर्यटकों के मुकाबले केवल 95 हजार पर्यटक ही नवंबर में आए।
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ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
...पर सरकार ने कदम रोक रखे हैं
शहर के चार लाख लोगों की रोजीरोटी ताज से जुड़ी है। अगर सरकार ने कैपिंग जारी रखी तो तय मानिए तीन लाख से ज्यादा लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। अभी तक लोग उम्मीद में थे कि कैपिंग हटेगी, लेकिन टूरिस्ट आ रहे हैं, पर सरकार ने कदम रोक रखे हैं। - रमेश वाधवा, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
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ताजमहल पर आए सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
कैपिंग बढ़ाकर 15 कर देनी चाहिए
आठ महीने बाद जब टूरिस्ट सीजन में पर्यटक आ रहे हैं और ताज के टिकटों की मारामारी है तो कैपिंग बढ़ाकर 15 कर देनी चाहिए। मैन्यूफैक्चरिंग इकाईयों में एक छत के नीचे हजारों मजदूर काम कर रहे हैं तो ताज के विशाल क्षेत्र को देखकर सैलानियों के प्रवेश की संख्या बढ़ानी चाहिए। - संजीव जैन,महासचिव, होटल एसोसिएशन
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
दूसरा कामकाज तलाशना होगा
ताजमहल से ही लोगों की रोजीरोटी जुड़ी है। विदेशी पर्यटक ही आमदनी का बड़ा स्रोत थे, लेकिन अब भारतीय पर्यटक आ रहे हैं तो उन्हें आने की अनुमति दी जाए। कैपिंग की क्या जरूरत है। पर्यटन से जुड़े लाखों लोगों को दूसरा कामकाज तलाशना होगा। - संदीप अरोड़ा, अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट डेवलपमेंट फाउंडेशन
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ताजमहल पर ऑनलाइन टिकट के लिए क्यूआर कोड स्कैन करते सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
2500 टिकट बुक, सैलानी आए 1620
ताजमहल पर मंगलवार को दोपहर के स्लॉट में पूरे 2500 टिकट बुक हुए, लेकिन सैलानी केवल 1620 पहुंचे। बुकिंग करने के बाद 880 पर्यटक ताजमहल पर नहीं पहुंचे, जबकि दोपहर में 3.20 बजे ताज के सभी टिकट बिक चुके थे और उसके बाद आए सैलानियों को टिकट न मिलने पर वापस लौटना पड़ा।
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ताजमहल में सेल्फी खींचते पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
एएसआई ने रविवार से ताजमहल के टिकटों पर पर्यटक का नाम अंकित करने और गेट पर उसी नाम का पहचानपत्र देखकर प्रवेश देने की व्यवस्था शुरू की थी, लेकिन तीन दिनों में इसका कोई असर देखने को नहीं मिला है। हर दिन पूरे टिकट बुक होने के बाद 800 से 1200 टिकट बेकार साबित हो रहे हैं, जबकि सैलानियों को टिकट न मिलने के कारण मायूस लौटना पड़ रहा है।
मंगलवार को ताजमहल पर कुल 3544 पर्यटकों ने प्रवेश किया। इनमें से 3229 पर्यटक और 315 बच्चे शामिल हैं। 11 विदेशी और 13 सार्क देशों के पर्यटकों समेत कुल 24 विदेशी पर्यटकों ने ताजमहल का दीदार किया। ताज के मुख्य गुंबद पर मंगलवार को 1020 पर्यटकों ने शाहजहां और मुमताज की कब्र देखने के लिए 200 रुपये का अतिरिक्त शुल्क चुकाया।