ताज महोत्सव के तहत शुक्रवार शाम को आगरा किले में कव्वाली की महफिल सजी। इस अवसर पर आगरा किला रंग-बिरंगी लाइट से जगमगा उठा। सुप्रसिद्ध कव्वाल असलम साबरी ने अमीर खुसरो का कलाम छाप तिलक सब छीनी, तोसे नैना मिलाके, तुझे प्यार करते करते मेरी उम्र बीत जाए, मोहम्मद के शहर में.जैसी कव्वालियों से श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा अंशुमन महाराज ने सरोद वादन किया। तबले पर संगत कुशाल कृष्ण व विभास महाराज ने की। मंडलायुक्त अमित गुप्ता भी मौजूद रहे।
शिल्पग्राम के मुक्ताकाशीय मंच पर शुक्रवार की रात को पद्मश्री लोक नृत्यांगना गुलाबो देवी ने अपने 20 सदस्यीय दल के साथ राजस्थानी लोकगीतों की धुनों पर कालबेलिया, घूमर और बंजारा नृत्यों की प्रस्तुतियां देकर वाहवाही लूटी। इसके पहले गणेश वंदना घर में पधारो गजानन म्हारे, पधारो म्हारे देश की प्रस्तुतियों से शुरुआत हुई।