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लापरवाहीः ताजमहल की सुरक्षा में 'बड़ी चूक', कबाड़ कैमरे कर रहे स्मारक की 'निगरानी'

Wed, 27 Nov 2019 03:40 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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tajmahal - फोटो : tajmahal
ताजमहल की निगरानी के लिए 500 मीटर क्षेत्र में लगाए गए 140 सीसीटीवी एएमसी (वार्षिक रखरखाव शुल्क) न होने के कारण लावारिस हैं। अधिकांश कैमरे पिछले नौ महीने से बंद पड़े हैं। सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चूक माना जा सकता है।
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सीसीटीवी कैमरे की लीड निकली हुई - फोटो : अमर उजाला
वहीं एएमसी (वार्षिक रखरखाव शुल्क)  न होने के कारण पुलिस ने अब तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी नहीं ली है। इधर, कार्यदायी फर्म ने 80 लाख रुपये का भुगतान न होने से 19 महीने पहले ही इनके रखरखाव की जिम्मेदारी छोड़ चुकी है।
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अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
ताजगंज योजना के तहत ताज के 500 मीटर दायरे में निगरानी के लिए 140 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। 27 नवंबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इनका उद्घाटन किया था। 

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खाली कवर, नहीं है सीसीटीवी कैमरा - फोटो : अमर उजाला
तब से मार्च 2018 तक कार्यदायी फर्म राज कार्पोरेशन द्वारा अनुबंध के तहत डिफेक्ट लायबिलिटीज के क्रम में कैमरों को सुचारु रूप से चलाया गया। इसके बाद फर्म का 80 लाख रुपये का पिछला भुगतान नहीं हुआ। इस पर फर्म ने अपने इंजीनियर एवं टेक्नीशियन हटा लिए। इसके बाद भी राजकीय निर्माण निगम द्वारा मार्च 2019 तक राजकीय निर्माण निगम ने इसका संचालन किया। इसके बाद निगम ने भी हाथ खड़े कर दिए। तब से कैमरे खराब हैं। 
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ताजमहल के ऊपर उड़ता ड्रोन (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि मार्च 2018 से लगातार पुलिस विभाग द्वारा सिस्टम को हस्तांतरण करने की प्रक्रिया की गई। लेकिन पुलिस ने सिस्टम का तीन साल का एएमसी नहीं होने पर इसे अपने अधीन नहीं लिया। ताजमहल पर ड्रोन उड़ाने के कई मामले सामने आते रहे हैं। कुछ मामलों में ड्रोन उड़ाने वाले पकड़ में भी नहीं आ सके हैं। माना जा रहा है कि यदि कैमरे सही होते तो इनका पता लग सकता था।
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