दिवाली पर पांच दिनों में ताजमहल पर हर साल दो लाख लोग दीदार करने के लिए उमड़ते थे, लेकिन इस बार कोरोना काल में टिकटों की संख्या सीमित करने के बाद सैलानियों की संख्या तो कम रही है, लेकिन 5000 टिकटों की बिक्री का प्रतिबंध लगे होने के कारण जो सैलानी आ रहे हैं उनमें से भी बहुत से ताज देखे बिना लौट रहे हैं। रविवार को गोवर्धन पूजा के दिन ताजमहल पर सैलानी उमड़े, लेकिन दोपहर 1:30 बजे के बाद सभी टिकट बुक हो गए। ऐसे में पर्यटकों को ताज देखे बिना मायूस लौटना पड़ा। सैलानियों ने परिवार के साथ दशहरा घाट और महताब बाग की ओर जाकर ताज की झलक देखी।
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ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल पर एक दिन में अधिकतम पांच हजार (सुबह व दोपहर के स्लॉट में 2500-2500) टिकट ही बुक हो सकते हैं। इस कैपिंग का फायदा उठाकर लपके टिकट बुक कराकर ब्लैक करते हैं। रविवार को सुबह 11:30 बजे तक दोपहर के स्लॉट में एक हजार से ज्यादा टिकट थे, लेकिन महज दो घंटे के अंदर सभी टिकट बुक हो गए। जिससे दोपहर 1:30 बजे के बाद ताजमहल पहुंचकर टिकट बुक करने का प्रयास करने वाले पर्यटकों को निराशा मिली।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के कर्मचारियों (एएसआई) व केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने पर्यटकों को किसी तरह समझाया। उन्हें सोमवार को ताजमहल देखने को कहा। मायूस पर्यटकों ने बाहर से ही ताजमहल का दीदार किया। ताजमहल के टिकट नहीं मिलने पर पर्यटकों ने दशहरा घाट और महताब बाग जाकर फोटो खिंचवाए।
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ताजमहल पर आए सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
पर्यटन उद्यमी और पर्यटक लगातार टिकटों की कैपिंग हटाने या टिकटों की संख्या प्रतिदिन 10 हजार तक करने की मांग कर रहे हैं। यही वजह रही कि महताब बाग पर सर्वाधिक 600 सैलानियों ने ताजमहल का दीदार किया। अभी तक महताब बाग पर इससे ज्यादा सैलानी कभी नहीं पहुंचे हैं।