महिला दिवस पर ताजमहल समेत स्मारकों में महिलाओं को नि:शुल्क प्रवेश का तोहफा मिला। इसका असर स्मारकों में नजर आया। ताजमहल समेत सभी स्मारकों में पुरुष पर्यटकों से ज्यादा संख्या महिला पर्यटकों की रही।
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ताजमहल पर सीआईएसएफ की महिला सुरक्षाकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को सुबह से ही स्मारकों पर युवतियों और छात्राओं के ग्रुप नजर आने लगे। एत्माद्दौला पर पुरुष पर्यटकों की संख्या 129 रही तो महिलाओं की संख्या 184 रही। महताब बाग में 117 पुरुष आए तो 127 महिला पर्यटक। इसी तरह रामबाग में 99 महिलाएं और 61 पुरुष पर्यटक पहुंचे। ताजमहल पर सीआईएसएफ की महिला जवानों के हाथ सुरक्षा व्यवस्था रही।
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महिला दिवस के मौके पर ताजमहल पर सेल्फी लेतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल पर कई महीने बाद लौटी रौनक
कोरोना वायरस के चलते आगरा में ताजमहल करीब 188 दिनों तक बंद रहा था। इसके बाद जब इसे खोला गया तो पांच हजार सैलानियों को प्रवेश की अनुमति दी गई। इसके लिए दो स्लॉट किए गए। ढाई हजार सैलानी दो स्लॉट में देख रहे थे। लेकिन कोरोना वायरस के मामले जब कम हुए तब प्रशासन ने इसकी संख्या पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया। महिला दिवस के मौके पर आठ हजार से अधिक सैलानी ताजमहल देखने पहुंचे।
प्रशासन की अनुमति मिलने पर ही होगा उर्स
मुगल शहंशाह शाहजहां का उर्स तभी होगा, जब जिला प्रशासन अनुमति जारी करेग प्रशासन ने सोमवार तक इसकी अनुमति नहीं दी है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने उर्स के लिए 10 व 11 मार्च को दोपहर दो बजे से और 12 मार्च को पूरे दिन स्मारक में नि:शुल्क प्रवेश के आदेश जारी कर दिए। लेकिन इसमें स्पष्ट कहा गया है कि जिला प्रशासन की अनुमति के बाद ही उर्स हो पाएगा। अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि उर्स के आयोजन के लिए जिला प्रशासन की अनुमति अभी तक नहीं मिली है। अनुमति के बाद ही उर्स का आयोजन संभव है।