ताज पर बृहस्पतिवार की सुबह सैलानियों की संख्या कम रही, पर जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया और गुनगुनी धूप हुई, वैसे ही दोपहर 12 बजे के बाद सैलानियों की भारी भीड़ ताज पर उमड़ पड़ी, जो शाम साढ़े चार बजे तक बनी रही। इन साढ़े चार घंटों में ताजमहल पर तीस हजार से ज्यादा सैलानी पहुंच गए, जिससे ताज के पश्चिमी और पूर्वी गेट पर टिकट विंडो और सुरक्षा जांच कतार और लंबी होती चली गई। भारी भीड़ के कारण छोटे बच्चे परेशान हो गए और बिलखते नजर आए। कतार में एक से दो घंटे तक लगे लोगों ने भीड़ से बचाने के लिए बच्चों को कंधे पर बैठा लिया, पर बच्चे कतार में एक ही जगह खड़े, भूख प्यास से परेशान होकर रोते रहे। धक्कामुक्की और कई बार आपसी तकरार के बाद पर्यटकों को ताज में प्रवेश मिल पाया।
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