फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ताजमहल: भारी न पड़ जाए लापरवाही, खत-ओ-किताबत चलती रही लेकिन ठीक नहीं हुए कैमरे

Wed, 22 Jan 2020 04:13 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल की सुरक्षा को चाक चौबंद कराए गए 146 सीसीटीवी कैमरे कबाड़ हो गए। इनका अब कोई इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। पुलिस इनकी जगह नए कैमरे तो लगवाएगी लेकिन तीन साल में इनकी मरम्मत नहीं कराई गई। पैसे की बर्बादी की जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा है।
विज्ञापन

2 of 5
कबाड़ कैमरा - फोटो : अमर उजाला
कैमरे 2016 में लगाए गए थे। इन्हें लगाया था यूपी राजकीय निर्माण निगम की विद्युत शाखा ने। गलती यह हुई कि इनकी मरम्मत के लिए अलग से बजट का प्रस्ताव नहीं किया गया। 2017 में पुलिस ने इन्हें चेक किया तो 64 फीसदी खराब मिले। इसकी रिपोर्ट राजकीय निर्माण निगम को दी गई। निगम ने पर्यटन विभाग को खत लिखा। पर्यटन विभाग ने कहा कि कैमरे ठीक कराना पुलिस की जिम्मेदारी है।
विज्ञापन

3 of 5
कबाड़ कैमरा - फोटो : अमर उजाला
जुलाई 2019 में पुलिस ने राजकीय निर्माण निगम से कैमरे ठीक कराने के लिए बजट की मांग की। खत-ओ-किताबत चलती रही लेकिन कैमरे ठीक नहीं हुए। तत्कालीन कमिश्नर अनिल कुमार ने कैमरों के लिए अलग से पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की मीटिंग की लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। आखिर में सिर्फ इतना तय हुआ कि पुलिस कैमरे ठीक कराएगी। पुलिस ने इस्टीमेट तैयार कराया तो 70 लाख का खर्च मरम्मत पर बताया गया।

4 of 5
बोत्रे, रोहन प्रमोद, एसपी सिटी - फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि कैमरे लंबे समय से ठीक नहीं कराए गए। इसका नतीजा यह हुआ ये बहुत खराब हो गए। कैमरे एनालॉग हैं जो पुरानी तकनीक के हैं। इनकी मरम्मत में ज्यादा खर्च आ रहा था, इतने में नए कैमरे लग सकते हैं। इस कारण पुराने ठीक नहीं कराए जा रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
दो साल पहले राजकीय निर्माण निगम के अफसरों ने कैमरे की मरम्मत का तीन साल का ठेका देने की तैयारी कर ली थी। प्रस्ताव पर्यटन विभाग के पास भेजा गया था। इसके लिए 1.75 करोड़ का बजट मांगा गया था। पर्यटन विभाग ने इसकी मंजूरी नहीं दी थी।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें