तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास बुधवार को आगरा से अयोध्या वापस चले गए। उनके साथ पुलिस भी गई है। इससे पहले उनसे मिलने के लिए एसएसपी सुधीर कुमार सिंह भी पहुंचे। परमहंस दास मंगलवार सुबह आगरा आए थे। उन्होंने ताजमहल को तेजोमहालय शिव मंदिर बताते हुए स्मारक में भूमि पूजन करने की बात कही थी। इसकी जानकारी पर पुलिस फोर्स पहुंच गई थी। उन्हें फतेहाबाद रोड पर रोक लिया गया था। बातचीत के बाद भी परमहंस दास ताजमहल जाने की जिद पर अड़े रहे। इस पर पुलिस उनको अपने साथ कीठम झील स्थित वन विभाग के गेस्ट हाउस ले गई थी। उन्हें गेस्ट हाउस में रखा गया था। बाहर सुरक्षा लगाई गई थी। किसी को उनसे मिलने नहीं दिया गया। इस पर परमहंस दास ने अन्न और जल का त्याग करने की बात कही थी। इसका वीडियो भी जारी किया था।
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परमहंस दास बात करते हुए अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार सुबह महंत परमहंस दास से मिलने के लिए एसएसपी सुधीर कुमार सिंह पहुंचे। उनसे बातचीत की। इसके बाद उन्हें पुलिस के साथ अयोध्या के लिए रवाना किया गया। एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि परमहंस दास अपनी इच्छा से अयोध्या चले गए हैं। वह गेस्ट हाउस में रुके हुए थे।
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महंत परमहंस दास
- फोटो : अमर उजाला
यह था मामला
अयोध्या से आए महंत परमहंस दास ने पहले पांच मई को ताजमहल में भगवान शिव की प्राण प्रतिष्ठा का एलान किया था। वह तीन मई को ईद उल फितर पर ही आगरा आ गए। उन्होंने कहा था कि परशुराम जयंती पर ताजमहल में भूमि पूजन करने आए हैं। ताजमहल पहुंचने से पहले सुबह नौ बजे उन्होंने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल डाला था। आनन-फानन ताजमहल जाने वाले रास्ते को पुलिस छावनी में तब्दील किया गया। संत परमहंस दास को पुलिस सुरक्षा घेरे में कीठम स्थित गेस्ट हाउस लेकर गई थी। वहां उन्हें नजरबंद कर दिया गया था।
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एसएसपी सुधीर कुमार सिंह
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने की बात
बुधवार की सुबह दस बजे एसएसपी सुधीर कुमार सिंह कीठम स्थित गेस्ट हाउस पहुंचे। उन्होंने एकांत में संत परमहंस से बातचीत की। चर्चा है कि संत परमहंस पहले अयोध्या नहीं जाना चाहते थे। वह मथुरा छुड़वाने की कह रहे थे। मगर, पुलिस ने इंकार कर दिया। पुलिस ने उनसे कहा कि अयोध्या ही जाना होगा। ऊपर से निर्देश हैं। करीब साढ़े दस बजे पुलिस उन्हें अपने साथ अयोध्या लेकर गई।
परमहंस दास का आरोप था कि पुलिस का व्यवहार उनके प्रति अच्छा नहीं था। पुलिस ने उनका मोबाइल भी छीन लिया था। वह अपनी जिद पर अभी भी अडिग हैं। भगवा पहनकर ताजमहल में प्रवेश करेंगे। आंदोलन की रणनीति अयोध्या पहुंचकर ही तैयार करेंगे। वह फिर आगरा आएंगे।