चौथी बार लोकसभा में पहुंचे प्रो. एसपी सिंह बघेल को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम में जगह नहीं मिल पाई है। वह प्रदेश सरकार में कबीना मंत्री रहते हुए आगरा लोकसभा सीट से चुनाव जीते थे। वह राज्यसभा के सदस्य भी रहे हैं। लगभग पांच लाख वोटों के सहारे फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से प्रचंड जीत दर्ज कराने वाले राजकुमार चाहर भी टीम मोदी में जगह बनाने में असफल रहे। वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव से पहले प्रो. एसपी सिंह बघेल भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने पहली बार फिरोजाबाद सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। मगर, सपा के अक्षय यादव ने उन्हें शिकस्त दी।
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कैबिनेट मंत्री प्रो.एसपी सिंह बघेल
- फोटो : अमर उजाला
साल 2017 के लोकसभा चुनाव में वह टूंडला सीट से विधायक चुने गए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम में कैबिनेट मंत्री बने। पार्टी ने इस लोकसभा चुनाव में बघेल पर विश्वास जताते हुए प्रो. रामशंकर कठेरिया का टिकट काटकर उन्हें प्रत्याशी बनाया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी गठबंधन प्रत्याशी मनोज कुमार सोनी को 2,11,546 वोटों से हराया। उन्हें 6,46,875 वोट मिले।
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सांसद राजकुमार चाहर
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को 4.95 लाख वोटों से चुनाव हराने वाले फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर इतनी बड़ी जीत के बाद टीम मोदी में जगह नहीं बना पाए। उन्हें 6.67 लाख वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी राजबब्बर को 1.72 लाख वोट मिले थे। 1989 में आगरा लोकसभा क्षेत्र से जनता पार्टी की टिकट पर सांसद चुने गए अजय सिंह केंद्र में रेल उपमंत्री रहे थे। वह भी कुछ महीने
ही मंत्री रह पाए थे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते सांसद रामशंकर कठेरिया (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के पूर्व सांसद (वर्तमान इटावा से सांसद) प्रो. रामशंकर कठेरिया टीम मोदी का हिस्सा रहे हैं। हालांकि वह भी पहले राउंड में मंत्री नहीं बन पाए थे। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शपथ ली तब उन्हें वह मंत्रिमंडल में जगह नहीं बना पाए थे। सरकार के लगभग डेढ़ साल के कार्यकाल के बाद मंत्रिमंडल में जब फेरबदल हुआ तो कठेरिया को मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया गया। वह लगभग सात महीने ही मंत्री रह पाए थे। अगले फेरबदल में उन्हें भी मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा था।
प्रो. एसपी सिंह बघेल, सांसद, आगरा का कहना है कि टीम में किसे रखना या न रखना, ये प्रधानमंत्री जी का विवेकाधिकार है। टीम बहुत शानदार बनी है। हमारी सभी को शुभकामनाएं। अब शहर के विकास के लिए जुटा जाएगा। इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना। राजकुमार चाहर, सांसद, फतेहपुर सीकरी का कहना है कि केंद्र में बहुत शानदार और जानदार टीम बनी है। बहुत सोच-समझकर मंत्रिमंडल बनाया गया है। नेतृत्व का जो निर्णय है, उसे स्वीकार करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए जुटना है। सभी को बधाई।
जीत के बाद सांसद एसपी सिंह बघेल को मिठाई खिलातीं मधू बघेल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
प्रो. एसपी सिंह बघेल इससे पहले वर्ष 1998, 1999 और 2004 में जलेसर लोकसभा सीट से सपा से सांसद चुने जा चुके हैं। इसके बाद वह राज्यसभा के भी सदस्य रहे। उनकी राजनीतिक वरिष्ठता और अनुभव को देखते हुए लोगों को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार में मंत्री जरूर बनेंगे। मगर, 24 कैबिनेट और इतने ही राज्यमंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों के बीच में उन्हें जगह नहीं मिल पाई। इससे ताजनगरी के लोगों को मायूस हैं। प्रो. बघेल अपने समाज के वरिष्ठ नेता के रूप में भी स्थापित हैं।