सांसद एसपी सिंह बघेल मंगलवार रात दिल्ली से आगरा अपने घर लौट रहे थे। तभी खबर आई कि पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नहीं रहीं। वह रास्ते से ही दिल्ली लौट गए। उन्होंने फोन पर बताया कि सुषमाजी को आगरा से बहुत लगाव था, यहां की हर समस्या को संजीदगी से लेती थीं, उसके समाधान का प्रयास करती थीं।
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एसपी सिंह बघेल
सांसद एसपी सिंह बघेल कहते हैं, मैं जब भी सुषमाजी के पास कोई मामला लेकर जाता था, वह बहुत गंभीरता से सुनती थीं। जब वह विदेश मंत्री थीं, तब कई बार उनसे मिलना हुआ। ज्यादातर मामले वीजा और पासपोर्ट के ही होते थे। आगरा के 15-20 मामले तो मुझे याद हैं जिनमें युवाओं और खिलाड़ियों को विदेश जाना होता लेकिन पासपोर्ट या वीजा की दिक्कत होती। यह बेहद हैरानी की बात थी कि सुषमाजी इन मामलों को इतनी गंभीरता से लेती थीं कि समाधान होने तक फॉलो करती थीं। तब पासपोर्ट मुश्किल से बनते थे, रीजनल पासपोर्ट ऑफिस गाजियाबाद जाना पड़ता था। सुषमाजी वहां फोन कर दिया करती थीं आगरा के मामले आने पर। इस समस्या को देखकर उन्होंने आगरा में पासपोर्ट ऑफिस खुलवा दिया था।
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सींगना में चुनावी सभा के दौरान पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
एक घटना अक्तूबर, 2017 में फतेहपुर सीकरी में हुई थी। स्विट्जरलैंड के जोड़े पर हमला हुआ था। सुषमा स्वराज उस समय विदेश मंत्री थीं। उन तक खबर पहुंची, वह बहुत नाराज हुईं। तत्कालीन डीजीपी को ट्वीट कर कार्रवाई के लिए कहा। इसके बाद पुलिस ने पांच लोग गिरफ्तार किए। सुषमा स्वराज की पहल पर स्विस जोड़े को विदेश मंत्रालय ने फाइव स्टार होटल में मुफ्त ठहरने की व्यवस्था कराई थी।
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8 अप्रैल, सींगना में चुनावी सभा के दौरान पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
लंबे समय तक भाजपा संगठन में रहे विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल बताते हैं कि सुषमाजी अनुशासन का सख्ती से पालन करती थीं। 1996 की बात है, लोकसभा के चुनाव हो रहे थे। सुषमाजी की सभा रुई की मंडी में होनी थी। वह आई थीं, काफी भीड़ जमा थी। उन्होंने माइक हाथ में ले लिया था। बोलने से पहले घड़ी देखी। शाम के पांच बज चुके थे। इसके बाद बोलना आचार संहिता का उल्लंघन होता। उन्होंने तुरंत माइक छोड़ दिया और बगैर भाषण दिए चली गईं।
सींगना में चुनावी सभा के दौरान पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दीप प्रज्जवलित करतीं हुई (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
चार महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में सुषमा स्वराज आगरा आई थीं। उनका कार्यक्रम सींगना में रखा गया था। इसमें आईटी सेल के कार्यकर्ता आए थे। इसमें सुषमा स्वराज ने उन्हें टिप्स दिए थे। उन्होंने कहा था कि साइबर योद्धा विवादित बयानों से बचें। पार्टी के घोषणापत्र, रीति-नीति को जन-जन तक पहुंचाएं।