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Karwa Chauth 2020: पति की उम्र लंबी हो, इसलिए यहां करवाचौथ पर व्रत नहीं रहतीं सुहागिनें

Wed, 04 Nov 2020 12:20 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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मथुरा में करवा चौथ 2020: सुरीर के बघा मोहल्ले की महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
Karva Chauth Date 2020: हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु की कामना के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं, लेकिन मथुरा जिले के कस्बा सुरीर के बघा मोहल्ले की परंपरा एकदम अलग है। यहां सुहागिनें इसलिए करवाचौथ का व्रत नहीं रखती हैं, ताकि उनके पति की उम्र लंबी हो। करवा चौथ के दिन यहां सुहागिनें सती के मंदिर में जाकर पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। इस दिन वे श्रृंगार भी नहीं करती हैं। अगली स्लाइड्स में पढ़िए इस अनोखी प्रथा के बारे में...क्या है इसके पीछे की मान्यता 
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मथुरा में करवा चौथ 2020: सुरीर कस्बे के बघा मोहल्ले में बना एक सती का मंदिर - फोटो : अमर उजाला
सुरीर के मोहल्ला बघा में 200 वर्ष पूर्व से ही करवा चौथ का व्रत नहीं रखा जाता है। 97 वर्षीय सुनहरी देवी ने बताया कि इस अनोखी प्रथा के पीछे एक सती का श्राप है। 200 वर्ष पहले नौहझील क्षेत्र के गांव रामनगला का युवक ससुराल से अपनी पत्नी को विदा कराकर सुरीर के बघा मोहल्ले में होकर भैंसा गाड़ी से गांव लौट रहा था। इस मोहल्ले के लोगों ने भैंसा गाड़ी रोक ली और गाड़ी में जुते भैंसे को अपना बताते हुए झगड़ा करने लगे। इसी झगड़े में मोहल्ले के लोगों ने युवक की हत्या कर दी थी। 
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मथुरा में करवा चौथ 2020: सुरीर के बघा मोहल्ले में सती का मंदिर - फोटो : अमर उजाला
अपने सामने पति की हत्या से कुपित होकर नवविवाहिता ने मोहल्ले के लोगों को श्राप देते हुए कहा कि जिस प्रकार में बिलख रही हूं। तुम्हारी महिलाएं भी बिलखेंगी। श्राप देते हुए वह पति के साथ सती हो गई। इस घटना के बाद मोहल्ले में अनहोनी शुरू हो गई। कई नवविवाहिताएं विधवा हो गई थीं। बुजुर्गों ने इसे सती का श्राप मान लिया और गलती के लिए क्षमा मांगी। तब से इस मोहल्ले में कोई भी महिला करवा चौथ और अहोई अष्टमी का व्रत नहीं रहती। इस दिन महिलाएं पूरा शृंगार भी नहीं करती हैं। 

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मथुरा में करवा चौथ 2020: राधा और सीमा - फोटो : अमर उजाला
बघा मोहल्ले की नवविवाहिता राधा देवी इस बार व्रत रखना चाहती थी, लेकिन ससुरालीजनों ने मोहल्ले की परंपरा के बारे में बताया तो वह मायूस हो गईं। सीमा देवी की भी पहली करवा चौथ है। सती के श्राप के बारे में सुना तो व्रत का ख्याल ही काफूर हो गया। पूनम देवी का कहना है कि उसका पहला व्रत है। लेकिन बंदिशों के कारण व्रत नहीं रख पाएंगी। 
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मथुरा में करवा चौथ 2020: पूनम देवी और रुक्मिणी देवी - फोटो : अमर उजाला
नवविवाहिता रुक्मिणी देवी का कहना है कि शादी के बाद पहले करवा चौथ पर पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखने की मन में बहुत इच्छा थी। प्रेमवती, रामवती, पूनम देवी, जयंती देवी आदि का कहना है कि गांव में स्थित सती माता के मंदिर में सभी पूजा-अर्चना करते हैं। शुभ कार्य करने से पहले सभी माता को शीश झुकाते हैं। सभी महिलाएं पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सलामती मांगती हैं। रामनगला के लोग सुरीर का पानी तक नहीं पीते हैं।
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