ताजमहल के पश्चिमी गेट पार्किंग के पास बेर के टीले पर बनी 71 दुकानों के संचालकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एडीए से उसकी हुडको योजना पर जवाब मांगा है। एडीए को 6 सप्ताह में रिपोर्ट देनी है। हुडको योजना में इन दुकानों की जगह नया कॉम्प्लेक्स बनाकर दुकानदारों को देना था। 4 वर्ग मीटर की जगह 9 वर्ग मीटर की दुकानें बनाकर आवंटित की जानी थी। कोर्ट ने जवाब मांगा है कि दुकानों की जगह अब तक कॉम्प्लेक्स क्यों नहीं बनी।
ताजगंज के 500 मीटर परिधि में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने एडीए से नोटिस निरस्त करने को कहा है। इस मामले के बाद पश्चिमी गेट के दुकानदारों ने अपनी हुडको की नए कॉम्प्लेक्स की मांग दोहराई है। कोर्ट ने एडीए से हुडको की ओर से तैयार योजना पर छह सप्ताह में जवाब मांगा है। पश्चिमी गेट के दुकानदार और याचिकाकर्ता अमर सिंह राठौर ने बताया कि हुडको के बाद यूपी टूरिज्म ने वर्ल्ड बैंक की मदद से कॉम्प्लेक्स का प्लान तैयार कराया था। लखनऊ के आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव ने दो बार आकर पूरी योजना भी बना दी और 71 दुकानों के साइज 4 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 9 वर्ग मीटर कर डिजाइन बनाया। इसका प्रजेंटेशन भी दुकानदारों के सामने किया गया, पर 2016 से वह भी ठंडे बस्ते में है।
विज्ञापन
2 of 5
ताजगंज
- फोटो : अमर उजाला
यह है हुडको योजना
वर्ष 2007 में हुडको ने बेर के टीला में 71 दुकानों की जगह नया कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बनाई थी। 4 वर्ग मीटर की जगह 9 वर्ग मीटर की दुकानें तैयार कर आवंटित की जानी थी। यह योजना लागू नहीं हो सकी। इसके लिए हुडको ने पश्चिमी गेट की अमरूद टीला पार्किंग में जगह चयन किया था। पर्यटन मंत्रालय इसके लिए बजट देने को भी तैयार था, पर पेड़ काटने की मंजूरी न मिलने पर योजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई। अब ताजमहल पश्चिमी गेट के दुकानदारों की याचिका पर एडीए से छह सप्ताह में जवाब मांगने पर दुकानदारों में आस जगी है।
विज्ञापन
3 of 5
ताजगंज क्षेत्र
- फोटो : अमर उजाला
29 साल बाद होगा नीरी का सर्वे
भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने 29 साल पहले 1993 में नेशनल एनवॉयरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) से ताज ट्रिपेजियम जोन के अक्षांश तय कराए थे। इसके लिए 15.80 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। 1992 में मंत्रालय ने नीरी को सर्वे की इजाजत दी। रिपोर्ट नीरी की टीम ने जुलाई 1993 में सौंपी। नीरी ने ताजमहल के पास वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और जल प्रदूषण को लेकर रिपोर्ट तैयार की। 1996 में यह सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई। नीरी की टीम ने ही सबसे पहले ताजमहल के 500 मीटर दायरे में ध्वनि प्रदूषण के लिए डेसिबल मानक तय किए। 20 से 24 मार्च 1997 के बीच विश्व प्रसिद्ध संगीतकार यान्नी ने ताजमहल के साए तले 11 सिड्डी स्मारक पर यमुना की तलहटी में अपना शो किया, जो ताज के प्रतिबंधित 500 मीटर दायरे में था। तब नीरी ने यहां ताज पर डाली गई लाइट और साउंड पर रिपोर्ट दाखिल की थी।
4 of 5
ताजगंज
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद आगरा विकास प्राधिकरण ने साल 2013 में नीरी से आगरा और ताज ट्रिपेजियम जोन में वायु प्रदूषण की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार कराई। 136 पेज की रिपोर्ट को नीरी ने कांप्रहेंसिव एनवॉयरमेंटल मैनेजमेंट प्लान का नाम दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ताजमहल के 500 मीटर दायरे में व्यावसायिक गतिविधियों से प्रदूषण की रिपोर्ट नीरी तैयार करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका में ताजमहल के नाइट व्यू का टिकट ऑनलाइन करने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारी दिन भर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करते रहे। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर यह आदेश देर रात तक अपलोड नहीं हुआ, लेकिन इसे लेकर अधिकारियों ने तकनीकी टीम के साथ वार्ता भी की। एएसआई के अधिकारियों ने बताया कि तिथि आधारित पूर्णिमा के कारण ऑनलाइन टिकट बुकिंग में बार-बार अपडेट करने होंगे। कितने दिन पहले टिकट उपलब्ध कराया जाए, इस बारे में जानकारी की जा रही है। कोर्ट के आदेश पर मुख्यालय जो निर्णय लेगा, उसके मुताबिक व्यवस्था की जाएगी। तब तक ऑफलाइन यानी टिकट काउंटर से ही पहले की तरह एक दिन पहले टिकट उपलब्ध होंगे।
अभी आदेश की प्रति नहीं मिली
अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने बताया कि अभी माननीय सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिला नहीं है। आदेश की प्रति मिलते ही इसे एएसआई मुख्यालय भेजा जाएगा और ऑनलाइन टिकट की प्रक्रिया निर्देशों के मुताबिक की जाएगी।
,