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UP: टाॅफी-बिस्किट का लालच, आठ घंटे नशा, सुनील के हैवान बनने की खाैफनाक कहानी; मुठभेड़ में ढेर मासूम का कातिल

Sun, 29 Mar 2026 11:06 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

जूता कारखाना संचालक की आठ साल की बेटी की गला रेतकर हत्या कर आटे के ड्रम में छिपाकर भागे आरोपी किरायेदार सुनील को पुलिस ने 86 घंटे बाद बमरौली कटारा क्षेत्र में मुठभेड़ में ढेर कर दिया। आरोपी ने पुलिस के घेराबंदी करने पर फायरिंग कर दी थी। गोली लगने से एक दरोगा भी घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी मारा गया। 
 
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मुठभेड़ में ढेर आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया हत्यारोपी सुनील नशे का आदी था। दिन में हर समय शराब पीता था। उसने बच्ची को अपने कमरे में बहाने से बुलाया था। चाकू से दो बार गला रेतने के बाद लाश को ड्रम में डाल दिया था। उसने बच्ची की चीखों की आवाज तक बाहर नहीं आने दी थी। हालांकि ड्रम को ठिकाने लगाने से पहले पुलिस आ गई थी। इस वजह से वो अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सका।

 
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बच्ची के घर जुटी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के मुताबिक मोहल्ले के लोगों और अन्य तरीके से जानकारी मिली है कि सुनील दिन में 12 में से 8 घंटे नशे में रहता था। उसकी हरकत की वजह से पत्नी कई साल पहले छोड़कर चली गई थी। माता-पिता ने भी उसे रखने से इनकार कर दिया था। 6 महीने पहले ही सुनील कारखाना संचालक के मकान में रहने लगा। वह आए दिन झगड़ा करता था। उसकी हरकतों के बारे में बस्ती के लोगों को भी जानकारी थी। इस वजह से कोई भी उसे अपने पास नहीं बुलाता था। 

 
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मुठभेड़ के बाद लोगों से बात करती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह बच्चों को टॉफी और बिस्किट का लालच देकर अपने पास बुलाता था। मकान मालिक के घर में बच्चों से नजदीकियां बढ़ा ली थीं। इसके बाद वह बहाने से बच्चियों को गलत तरीके से छूता था। हालांकि लोग उसकी हरकत पर शक नहीं कर पाए। घटना वाले दिन भी वह नशे में था। हत्या के बाद लाश को आटे के ड्रम में डाल दिया। वह ड्रम को आटा लेकर आने के बहाने निकाल कर ले जाता और ठिकाने लगा देता, मगर बच्ची के लापता होने पर पुलिस के आने के कारण सफल नहीं हो सका। 

 

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मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में लोगों से पुलिस अधिकारियों ने बात की। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसने घर लौटने के लिए रात का इंतजार किया मगर रात भर पुलिस जांच करती रही। बुधवार को भी मोहल्ले में आकर ड्रम को ले जाने की तैयारी कर रहा था लेकिन तभी मोहल्ले वालों ने यूपी 112 पर कॉल कर दिया और घरों की तलाशी की मांग की। यह सुनकर सुनील भाग निकला था। वहां से वह फतेहाबाद रोड पर चला गया। पुलिस ने 50 से अधिक घरों को खंगाला तो लाश बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने बस, रेलवे स्टेशन, मेट्रो के काम करने वाली जगह, शराब के ठेके, फुटपाथ सहित नगर निगम के बड़े पाइपों को भी चेक किया मगर उसके बारे में जानकारी नहीं मिल सकी। 
 
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Agra Encounter - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाद में पता चला कि वह ताजगंज के गांव गुटिल स्थित एक मंदिर पर बुधवार रात को पहुंचा था। यहां पर उसने भंडारा खाया। रात भर मंदिर के पास ही रुका। उसे पता था कि अगर वह वापस मोहल्ले में जाएगा तो पकड़ा जाएगा। बृहस्पतिवार को भी वह आसपास ही घूमता रहा। मजदूर बनकर मंदिर में जो भी लोग आए उनसे दान लेकर खाना खा लिया। शुक्रवार को पुलिस को उसके बारे में जानकारी मिली थी मगर पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां से भाग गया। रात में उसे बमरौली कटारा क्षेत्र में घेर लिया गया। मगर उसने पुलिस पर फायरिंग की, इसमें जवाबी कार्रवाई में ढेर हो गया।

 
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Agra Encounter - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाम को पंचनामा भरने पहुंचे सुनील के परिजन
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए मासूम के हत्यारे सुनील देव के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद पुलिस उसके शव का पंचनामा भरने के लिए परिजन की तलाश करती रही। लोगों के काफी समझाने पर उसके भाईयों ने शाम 4 बजे आकर पंचनामा भरा। इसके बाद पोस्टमाॅर्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। शाम को पोस्टमाॅर्टम के बाद पुलिस ने परिजन को शव सुपुर्द कर दिया। इसके बाद परिजन ने शव को सीधा श्मशान घाट लेकर गए और अंतिम संस्कार कर दिया। परिजन बार-बार सुनील के इतनी बड़ी गलती करने पर सजा मिलने की बात कह रहे थे। उनका कहना था कि सुनील की हरकत के कारण अब उनका क्षेत्र में रहना मुश्किल हो गया है। 

 
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Agra Encounter - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां-पिता ने की थी फांसी की मांग, पुलिस ने कर दिया इंसाफ
बेटी मासूम थी। उसे सही और गलत का अंदाजा नहीं था। जिसे उसने चाचा कहा, उसी ने उसकी जान ले ली। अब उसकी यादें ही बची हैं। जिस तरह से आरोपी सुनील ने उसे मारा, उसी तरह पुलिस ने उसे एनकाउंटर में मारकर न्याय किया है। एनकाउंटर की जानकारी पर परिवार के लोगों ने यह बात कही। पिता ने कहा कि किरायेदार ने बेटी की बेरहमी से हत्या की थी। गला काटने के बाद ड्रम में शव को उल्टा छिपा दिया था। आरोपी पहले तलाश का ड्रामा भी करता रहा। पुलिस के आने पर भाग गया। उन्हें अंदाजा नहीं था कि जिसे घर में किराये पर रख रहे हैं, वही बेटी की जान ले लेगा। उसे फांसी होनी चाहिए थी। एनकाउंटर में ढेर होने से खुशी मिली है। इस घटना के लिए जितने भी लोग दोषी हैं, उनको भी सजा मिलनी चाहिए। मोहल्ले के लोग भी आरोपी की हरकत से परेशान थे। मगर वह बच्ची की हत्या कर देगा, इसका अंदाजा किसी को भी नहीं था। एनकाउंटर की जानकारी पर लोगों ने खुशी जाहिर की।

 

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Agra Encounter - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
100 पुलिसकर्मी-200 कैमरे, 25 हजार का इनाम
नवरात्र में घर के बाहर आठ साल की बालिका की हत्या से लोगों में आक्रोश था। फतेहाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया था। पुलिस ने भी घटना को चुनौती के रूप में लिया। हत्यारोपी की धरपकड़ के लिए 100 पुलिसकर्मियों की 10 टीम बनाई गईं। टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई। पांच टीम अलग-अलग गली-मोहल्ले, मार्ग पर गईं। घटनास्थल से बाहर जाने वाले रास्तों पर पड़ने वाले कैमरों को खंगाला गया। यह देखा गया कि आरोपी सुनील किधर से भागा है।

 
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Agra Encounter - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्यारोपी सुनील के पास मोबाइल नहीं था। वह परिवार के संपर्क में भी नहीं था। किराये के लिए इतने रुपये भी नहीं थे कि वह कहीं बाहर चला जाए। शराब पीने का आदी था इसलिए पुलिस के लिए चुनौती बढ़ गई। पांच टीमों ने कैमरे देखे तो वह शमसाबाद रोड से होकर जाता नजर आया। मगर कई रास्तों पर वह आगे बढ़ता नहीं दिखा। इससे पुलिस को शक था कि वह आसपास ही कहीं घूम रहा है। इसलिए पांच टीम उसकी तलाश में लगीं। रेलवे और बस स्टैंड को भी देखा गया। उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया। फोटो लेकर भी टीम तलाश में लगी तब सफलता मिल सकी।

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