आगरा समेत पूरे ब्रज में सोमवार को भी आसमान से आग बरसी। इससे धरती दहक उठती। सुबह से ही गर्म हवाओं के थपेड़ों ने बुरा हाल कर दिया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक, फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं है। अगले दो दिन तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। दोपहर में गर्म हवाएं चलेंगी।
भीषण गर्मी से सोमवार को भी राहत नहीं मिली। सुबह सात बजे से ही झुलसाने वाली धूप ने बेचैनी बढ़ा दी। दोपहर को सड़कों पर सन्नाटा पसर गया तो बाजारों में भी चहल पहल कम हो रही। स्मारकों पर भी दोपहर में पर्यटकों की आवाजाही कम रहती है। गर्मी से बेहाल लोग पेड़ों की छांव ढूंढते फिरते हैं।
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ताजमहल में छाता लगाकर धूप से बचाव करती बच्ची
- फोटो : अमर उजाला
45 डिग्री सेल्सियस से अधिक की झुलसाने वाली गर्मी में पेड़ की छांव मिलना मुश्किल है। क्योंकि आगरा में कई सड़कें तो ऐसी हो गई हैं जहां ढूंढे भी दरख्त नहीं मिलता है। आगरा के गुरुद्वारा गुरु का ताल से कामायनी कट तक सिर्फ एक पेड़ बचा है, सीएनजी पेट्रोल पंप के पास। उसके पास भी पानी भरा है।
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पेड़ की छांव में राहत महसूस करते राहगीर
- फोटो : अमर उजाला
सिक्स लेन प्रोजेक्ट के लिए शहर में 10,404 और दिल्ली से आगरा तक 86,000 पेड़ काट दिए गए। अगर ये न काटे जाते, तो हाईवे पर इतनी गर्मी न सताती। सिकंदरा में बड़े हॉस्पिटल हैं। इनमें भर्ती मरीजों के लिए तीमारदार भरी दोपहरी दवाएं लेने जाते हैं तो चेहरा लाल हो जाता है और सिर भन्ना जाता है।
गर्मी और तेज धूप से व्याकुल हुए पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को जहां अधिकतम तापमान 45.6 दर्ज किया गया था। हालांकि सोमवार दोपहर को भी तापमान गिरावट नहीं आई। धूप और गर्म हवाएं शरीर को झुलसा रही हैं। आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, एटा-कासगंज और मैनपुरी में अघोषित बिजली कटौती से आग में घी डालने जैसे हालात हो रहे हैं। कई इलाकों में पेयजल संकट भी गहराता जा रही है।