भगवान श्रीगणेश बुद्धि और ज्ञान के दाता हैं। हर शुभ कार्य में सबसे पहले उनकी पूजा की जाती है। हाथी के समान सिर, बड़े कान, छोटी आंखें, लंबी नाक आदि देखने में भले ही श्रीगणेश का यह स्वरूप विचित्र लगता हो, लेकिन बप्पा के हर अंग में एक अर्थ छिपा है, जो सफल और समृद्धि जीवन की सीख देता है। जानते हैं श्रीगणेश के रहस्यमयी स्वरूप के बारे में...
ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय के अनुसार, भगवान गणेश बुद्धि और विद्या के अधिष्ठाता देवता हैं। तर्क-वितर्क में उनका कोई सानी नहीं। उनका वाहन मूषक भी तर्क-वितर्क की सीख देता है, किसी भी बात पर सोच समझकर निर्णय लेना चाहिए। चूहा फुर्तीला है और जागरूक रहने का संदेश देता है।