आगरा में एक तरफ झमाझम बारिश हो रही है, तो दूसरी ओर सरकारी महकमों की लापरवाही और गलतियों से यह बारिश आमजन के लिए आफत बनती जा रही है। सड़क तालाब में तब्दील हो गई हैं। सरकारी स्कूलों में भी जलभराव हो गया है। बिचपुरी ब्लॉक के गांव अजीजपुर स्थित प्राथमिक स्कूल में तो बुरा हाल है। स्कूल में जलभराव होने के कारण बच्चों की पढ़ाई ठप है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
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स्कूल परिसर में जलभराव
- फोटो : ANI
आषाढ़ की बारिश ने प्रशासन के इंतजामों की पोल खोल दी है। शहर से लेकर देहात तक आफत ही आफत है। सड़कें न बनने और जल निकासी न होने के कारण जगह-जगह जलभराव है। कई इलाके तो ऐसे हैं, जहां बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। गांव अजीजपुर के ग्रामीण कुछ इसी तरह के हालातों का सामना कर रहे हैं।
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सरकारी स्कूल में जलभराव
- फोटो : ANI
एक जुलाई से सभी स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है, लेकिन गांव अजीजपुर का सरकारी स्कूल बंद है। इसकी वजह है कि बारिश के कारण स्कूल तालाब में तब्दील होना। स्कूल के चारों ओर इतना पानी भर गया है कि स्कूल में जाने का कोई रास्ता हीं नहीं बचा है। पानी की निकासी न होने के कारण बदबू और आने लगी है।
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गांव में जलभराव
- फोटो : ANI
गांव अजीज पुर के लोगों का कहना है कि स्कूल ही नहीं उनके घरों में भी बारिश का पानी घुस गया है। ग्रामीणों ने सड़कों के निर्माण के लिए बार-बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई नहीं सुनता। इससे गांव में बारिश का पानी भर जाता है। उन्होंने बताया कि जब से बारिश शुरू हुई, तब से सरकारी स्कूल बंद पड़ा है।
शहर में और बुरे हाल हैं। पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की लाइन बिछाने के लिए ग्रीन गैस कंपनी ने बारिश में खुदाई कर दी, जिससे बने गड्ढे सिकंदरा, पश्चिमपुरी क्षेत्र के करीब 12 हजार स्कूली बच्चों के लिए हादसे का सबब हो सकते हैं। बारिश के कारण गैस पाइप लाइन के 5 फीट गहरे गड्ढों में पानी भर गया है। सड़क किनारे जलभराव होने पर पैदल और वाहनों से जाने वाले बच्चों के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।