उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की प्रथम महिला अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव की हत्या के मामले में चश्मदीद उनकी भतीजी प्रशिक्षु दरोगा कंचन यादव ने सोमवार को बयान दर्ज कराया। 12 जून को हुई घटना में कंचन का बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह बयान हत्यारोपी मनीष की मौत के दो दिन बाद दर्ज कराया गया। उन्होंने मनीष और दरवेश यादव के रिश्ते के बारे में चौंकाने वाली बताई हैं।
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दरवेश यादव की भतीजी कंचन यादव
- फोटो : अमर उजाला
कंचन यादव ने कहा कि मनीष शर्मा और दरवेश यादव में काफी सालों तक अच्छे रिश्ते रहे। मनीष चाहता था कि दरवेश किसी और से बात न करे। यहां तक कि रिश्तेदारों तक से बात नहीं करने देता था। वो दरवेश का मोबाइल फोन भी अपने पास ही रखता था। दरवेश उससे पीछा छुड़ाना चाहती थीं। कुछ दिन पहले छुड़ा भी लिया था। इसके बाद ही यह वारदात हो गई।
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दरवेश यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कंचन ने मनीष और दरवेश के रिश्ते के बारे में विस्तार से बताया। दोनों 2004 से साथ प्रैक्टिस करते थे, दरवेश को मनीष पर बहुत विश्वास था, दरवेश का फोन भी मनीष अपने पास रखता था। दरवेश ने हॉंडा सिटी गाड़ी खरीदी थी, यह भी मनीष के पास थी।
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दरवेश यादव के साथ हत्यारोपी मनीष शर्मा (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
कंचन ने बताया कि दरवेश यादव की हत्या के लिए मनीष उनकी ही कार से आया था। यह कार उसने लौटाई नहीं थी। उसे घर से लेने के लिए एडवोकेट विनीत गुलेचा गया था। बाद में दोनों कार से आए।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कंचन ने बताया कि मनीष के इस व्यवहार से दरवेश नाराज रहती थीं। वो धीरे धीरे उससे पीछा छुड़ा रही थीं। अध्यक्ष के चुनाव में पूरी तरह से दूरी बना ली थी। इंस्पेक्टर सतीश, रिश्तेदार दरवेश से मिलने के लिए आने लगे थे। इसके बाद यह वारदात हो गई।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कंचन ने बताया कि दरवेश ने मनीष से कह दिया था कि वो अपने फैसले अब खुद लेंगी। उन्होंने मनीष से साफ कहा था कि तुम ऑफिस ( चेंबर ) संभालो, बाकी सारे काम वो खुद संभाल लेंगी।
कई अधिवक्ताओं ने यह बात बताई थी कि मनीष ने दरवेश को धमकी दी थी। इसके बाद दरवेश ने कई लोगों से कहा था कि वो उनकी हत्या कर सकता है। कंचन ने कहा कि मनीष ने धमकी दी हो, ऐसा कुछ जानकारी में नहीं आया।