ब्रज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मथुरा में परंपरा के अनुसार आधी रात को श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कन्हैया ने जन्म लिया। इस दौरान मूसलाधार बारिश हो रही थी। कान्हा का जन्म होते ही पूरे ब्रज में जय कन्हैया लाल की...के जयकारों से गूंज उठे। जन्म होते ही ठाकुरजी का पंच गव्य से स्नान किया गया। गाय के दूध से अभिषेक होने के बाद ठाकुरजी का दही, घी, बूरा, शहद और दूध से दिव्य अभिषेक हुआ। यह पहला मौका है, जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बिना भक्तों के मनाया गया। ब्रज के मंदिरों में सिर्फ संतों और सेवायतों की मौजूदगी में सभी परंपराएं पूरी की गईं। कोरोना संक्रमण के कारण मंदिरों में भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहा।