बसपा शासन के खिलाफ नौ जनवरी 2008 को इन नेताओं ने उग्र प्रदर्शन किया था, जिसमें पुलिस ने पूर्व विधायक अजीम भाई सहित 18 नामजद, 60 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
फिरोजाबाद में बसपा सरकार के खिलाफ नौ जनवरी 2008 को हुए उग्र प्रदर्शन के मामले में स्पेशल जज एमपीएमएलए कोर्ट जितेंद्र सिंह ने सुनवाई करते हुए पूर्व विधायक अजीम भाई सहित 18 सपा नेताओं को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए है। न्यायालय से बरी होने की जानकारी होते ही सपा नेताओं के चेहरे पर खुशी दिखाई दी।
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2008 का है मामला
मामला नौ जनवरी 2008 का है। बसपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सुभाष तिराहे पर बसों में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया था। पुलिस ने इस मामले में 18 सपा नेताओं को नामजद करते हुए साठ अज्ञात के खिलाफ अभियोग दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी।
मामला विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट अंबरीश त्रिपाठी के न्यायालय में पहुंचा तो उन्होने सुनवाई करते हुए पूर्व विधायक अजीम भाई, सपा महानगर के अध्यक्ष योगेश गर्ग, पूर्व सभासद महबूब अजीज, मुकेश बाल्मीकि, आदर्श यादव धन्नू, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजकुमार राठौर,सै फुर्रहमान उर्फ छुट्टन भाई, पप्पू यादव, नीरज यादव, उमेश यादव, असलम परवेज,आफताब सादाब,जाकिर,गुड्डन,परवेज, चंद्रमोहन चक्रवर्ती एवं आमिर को दो-दो वर्ष की सजा सुनाई थी।
दायर की याचिका
सजा सुनाए जाने के बाद सपा नेताओं ने विशेष जज एमपी,एमएलए कोर्ट जितेंद्र सिंह के न्यायालय में अर्जी दायर की थी। सपा नेताओं की ओर से पैरवी बरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ एडवोकेट ने की। विशेष जज जितेंद्र सिंह ने मामले की सुनवाई करते हुए सपा नेताओं के मामले की सुनवाई करते हुए साक्ष्य के अभाव में पूर्व विधायक अजीम भाई,सपा महानगर अध्यक्ष योगेश गर्ग सहित सभी 18 सपा नेताओं को बरी करने के आदेश दिए हैं।