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Mathura: आरती के इंतजार में सोनू ने नहीं की दूसरी शादी, हत्या के आरोप में काट आया जेल, सात साल बाद मिली जिंदा

Thu, 15 Dec 2022 12:02 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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पुलिस हिरासत में आरती - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के दौसा में सात वर्ष के बाद जिंदा मिली आरती को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश के न होने के कारण 164 के तहत बयान नहीं हो सके। कोर्ट जाने से पहले वृंदावन कोतवाली में आरती ने पहले पति सोनू पर अकेला छोड़ने का आरोप लगाया, वहीं सोनू का कहना है कि उसने नहीं छोड़ा बल्कि आरती लापता हो गई। उसने कहा कि आरती के इंतजार में अभी तक शादी नहीं की। आरती की दूसरी शादी होने के बाद अब वह उसे रखने के लिए राजी नहीं है। सीओ सदर प्रवीण मलिक ने बताया कि बृहस्पतिवार को फिर आरती को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मूल रूप से जालौन के उरई निवासी आरती 2015 में पिता सूरज प्रसाद गुप्ता, मां और भाई के साथ वृंदावन के गोशाला नगर स्थित श्री कृष्ण धर्मशाला में रहने लगीं। आरती की मानसिक स्थिति सही न होने पर माता-पिता इलाज के लिए बालाजी ले गए। जहां उसकी मुलाकात सोनू से हुई। पांच सितंबर 2015 को आरती वृंदावन से लापता हो गई। बाद में उसने सोनू से बांदीकुई कोर्ट में शादी कर ली। शादी के तीन दिन बाद आरती अचानक लापता हो गई। 
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माता-पिता - फोटो : अमर उजाला
पिता सूरज ने वृंदावन कोतवाली में आरती की गुमशुदगी दर्ज करा रखी थी। पुलिस मामले में जांच कर रही थी कि मार्च 2016 में थाना मगोर्रा क्षेत्र में एक महिला का शव नहर में मिला। पिता का कहना है कि फोटो देखकर उसने आरती के शव की शिनाख्त की। इसके बाद गुमशुदगी हत्या में तरमीम कर पुलिस ने सोनू और उसके दोस्त गोपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हत्या के आरोप में सोनू और गोपाल ने जेल भी काटी। जमानत मिलने के बाद दोनों ने आरती को तलाश कर लिया। 
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सोनू और उसका दोस्त गोपाल - फोटो : अमर उजाला

पुलिस ने डंडे के बल पर कबूल कराया था आरोप

आरती की हत्या में पुलिस ने सोनू और गोपाल को गिरफ्तार कर उन्हें टॉर्चर किया। सोनू ने बताया कि वर्ष 2016 में जब एसओजी और वृंदावन पुलिस उनको गिरफ्तार करके लाई तो पुलिस ने उनके साथ हर तरह की ज्यादती की। कई रात भूखा और प्यासा रखा, मारपीट की। आपबीती सुनाते-सुनाते सोनू की आंखों में डर दिखाई दिया।

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वृंदावन कोतवाली - फोटो : अमर उजाला

जो नहीं किया, उसे भी किया कबूल 

सोनू ने बताया कि वृंदावन कोतवाली में एसओजी टीम ने नाखून उखाड़ लिए। उंगलियां मोड़ दीं। यहां तक कहा कि एनकाउंटर में मार डालेंगे। सात दिन के रिमांड में हड्डियां तोड़ देंगे। कहा कि मर्डर का जुर्म गोपाल के सिर डालकर तुम्हें बचा लेंगे। डर से हमने जुर्म कबूल कर लिया था। गोपाल ने बताया कि पुलिस ने कहा कि तुम्हारे फोन से कॉल किए गए हैं। तुम पर भी केस लगेगा। रिमांड में तुम्हारी पिटाई करेंगे। पिटाई से बचने के लिए पुलिस ने जो कहा हमने किया और पुलिस के बनाए गए कागजनों पर साइन कर दिए। 
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मथुरा पुलिस - फोटो : अमर उजाला

सीबीआई जांच की मांग

सोनू और गोपाल ने बताया कि उनको उस कार्य की सजा मिली जो उन्होंने किया ही नहीं। हमने पुलिसवालों से कहा कि हम निर्दोष हैं, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। जो आता हमारे साथ मारपीट करता। मामले की सीबीआई जांच हो और हमारे साथ बदसलूकी करने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाए। 
 
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