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आगरा: शहीद पिता की कैप पहनकर आठ साल के बेटे ने दी अंतिम सलामी, भावुक कर देंगी ये तस्वीरें

Sat, 11 Dec 2021 05:43 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
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बेटे ने कैप पहन शहीद पिता को किया सैल्यूट - फोटो : अमर उजाला
हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए आगरा के विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। ताजगंज मोक्षधाम पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। दयालबाग स्थित सरन नगर के रहने वाले विंग कमांडर पृथ्वी सिंह सीडीएस बिपिन रावत के साथ बुधवार को हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हो गए थे। तीन दिन बाद उनका पार्थिव शरीर आगरा लाया गया। शहीद के घर से एमजी रोड होते हुए अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। 



अंत्येष्टि स्थल पर वायु सेना ने उन्हें गार्ड ऑफ होनर दिया। आठ साल के बेटे अभिराज ने शहीद पिता की कैप पहनकर उन्हें सैल्यूट किया तो हर कोई भावुक हो गया। 12 साल की बेटी आराध्या ने भी इसी तरह पिता को अंतिम विदाई दी। इसके बाद उनकी चिता को मुखाग्नि दी गई और जांबाज पृथ्वी का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। इस दौरान पूरा परिसर भारत माता की जय, वंदे मातरम, पृथ्वी सिंह अमर रहे के उद्घोषों से गूंजता रहा।
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एयरपोर्ट पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने दी शहीद को श्रद्धांजलि - फोटो : अमर उजाला
शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे खेरिया एयरपोर्ट पर पहुंचा। यहां केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, एयर कमांडिंग ऑफिसर एओआईसी एसके वर्मा व पैरा कमांडो और स्पेशल फोर्सेज के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। इस दौरान तमाम पुलिस प्रशासन सेना के अधिकारी मौजूद रहे।
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शहीद की अंतिम यात्रा में उमड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
खेरिया एयरपोर्ट से पृथ्वी का पार्थिव शरीर फूलों से सजे सैन्य वाहन में एमजी रोड होते हुए सरन नगर स्थित घर लाया गया। यहां शहीद के अंतिम दर्शन करने के के लिए सुबह से ही हजारों लोगों की भीड़ जुट गई थी। लोगों ने नम आंखों से जांबाज विंग कमांडर को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा मोक्षधाम के लिए रवाना हुई। 

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बेटे को गले लगाए शहीद की पत्नी - फोटो : अमर उजाला
ताजगंज मोक्षधाम पर करीब ढाई बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। बेटे अभिराज ने शहीद पिता को मुखाग्नि दी। जिसके बाद वीरनारी कामिनी अपने बेटे अभिराज से लिपटकर रो पड़ीं। मां ने बेटा और बेटी को गले से लगा लिया। पिता सुरेंद्र की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। यह देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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नम आंखों से दी शहीद को श्रद्धांजलि - फोटो : अमर उजाला
एयर कोमोडोर एसके वर्मा ने बताया कि पृथ्वी सिंह बेहतरीन पायलेट थे। वीवीआईपी फ्लाइट के लिए उन्हें चुना गया था। हर परीक्षा में पृथ्वी अव्वल रहे। उन्होंने कहा एक जवान शहीद होता है तो 100 जवान शहीद होने के लिए तैयार हो जाते हैं। इस जज्बे के साथ भारतीय सेना बनती है। 
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