आगरा में एक शर्मनाक मामला सामने आया है। कलियुगी बेटे को माता-पिता को घर से निकालने के बाद भी चैन नहीं मिला तो उन्हें परेशान करने के लिए वृद्धाश्रम तक पहुंच गया। आश्रम आकर माता-पिता से पैसे मांगने लगा, जब उन्होंने पैसे देने से इंकार किया तो उनके साथ झगड़ा करने लगा। गाली गलौज करते हुए कभी घर न ले जाने की धमकी देकर चला गया।
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रामलाल वृद्धाश्रम आगरा
- फोटो : अमर उजाला
रामलाल वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग दंपती सावित्री अग्रवाल, श्रीमोहन अग्रवाल के दो बेटे हैं। बेटों और बहू से परेशान होकर बुजुर्ग दंपती आश्रम में जीवन यापन कर रहे हैं। श्रीमोहन अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को बड़ा बेटा मिलने आया तो वृद्धों की आंखों में एक उम्मीद की किरण नजर आई। लेकिन, हमेशा की तरह वो इस बार भी अपने बेटे को नहीं समझ पाए।
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श्रीमोहन अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
बेटे ने आश्रम में न तो माता-पिता का हाल पूछा और न ये जाना कि किस हाल में रह रहे हैं। आते ही बोला, मुझे पैसों की जरूरत हैं पैसे दे दो। मना करने पर झगड़ा करने लगा और कहने लगा कि तुम यहीं रहने लायक हो और अब हमेशा यहीं रहोगे। घर में घुसने नहीं दूंगा। बेटे की बातों ने दुखी माता-पिता ने खाना तक नहीं खाया। आश्रम के स्टाफ ने समझाकर वृद्धों को खाना खिलाया।
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रामलाल वृद्धाश्रम आगरा
- फोटो : अमर उजाला
रामलाल वृद्धाश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा ने कहा कि बुजुर्ग दंपती का बेटा मिलने के लिए आया तो हमें लगा कि माता-पिता को लेने के लिए आया है, इसलिए उसे मिलने दिया। लेकिन बेटे ने उसने पैसे मांगे और माता पिता से झगड़ा किया।
रामलाल वृद्धाश्रम में रहने वाले वृद्ध मतदाता
- फोटो : अमर उजाला
माता-पिता को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। इनकी सेवा किसी तीर्थ से कम नहीं होती, लेकिन आज के दौर में कुछ बेटे बूढ़े मां-बाप को बोझ समझने लगे हैं। बेटे अपने आलीशान मकान में किरायेदार रख सकता है, लेकिन बूढ़े मां-बाप के लिए जगह नहीं है। रामलाल वृद्धाश्रम में सावित्री-श्रीमोहन के जैसे कई दंपती रह रहे हैं।