सदी का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को है। सूर्यग्रहण होने पर ठा.बांकेबिहारी मंदिर के पट खुलने और आरतियों के सेवा में बदलाव किया गया है। मंदिर प्रशासक के आदेश पर सूर्यग्रहण होने से आज बुधवार शाम से ही बांकेबिहारी के पट निर्धारित समय से पहले बंद हो जाएंगे।
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रथ पर सवार होकर निकले ठाकुर बांकेबिहारी महाराज (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
26 दिसंबर को सूर्यग्रहण होने के कारण 25 दिसंबर को बांकेबिहारी के दर्शन सायंकालीन सेवा में 3.45 बजे खुलेंगे। शयन आरती शाम 7.40 बजे होने के पश्चात 7.45 बजे मंदिर के पट बंद हो जाएंगे। मंदिर के प्रबंधक मुनीश कुमार ने बताया कि 26 दिसंबर को प्रात: कालीन सेवा में दोपहर एक बजे ठाकुरजी भक्तों को दर्शन देंगे।
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बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
श्रृंगार आरती दोपहर 1.10 बजे होने के बाद 1.15 मिनट पर राजभोग सेवा प्रारंभ होगी। 3.40 बजे राजभोग आरती की जाएगी। इसके बाद पर्दा बंद हो जाएगा। सायंकालीन सेवा में शाम 6 बजे बांकेबिहारी के दर्शन खुलेंगे, पूर्ववत निर्धारित समय पर देर शाम 8.25 बजे शयन आरती के बाद 8.30 बजे मंदिर के ठाकुरजी के पट बंद हो जाएंगे।
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सोने चांदी के हिंडोले में विराजमान में ठाकुर द्वारिकाधीश (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
26 दिसंबर को पड़ने वाले सूर्य ग्रहण पर पुष्टीमार्गीय मंदिर ठाकुर द्वारिकाधीश के पट खुले रहेंगे। दर्शनों के समय में परिवर्तन किया गया है। मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मंगला प्रात: 7.45 से 8 बजे तक होगी। इसके बाद 8.8 बजे से 10.57 तक पड़ने वाले ग्रहणकाल के समय भी राजाधिराज भक्तों को दर्शन देंगे।
द्वारिकाधीश मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
ग्रहण के बाद मंदिर की धुलाई होगी। इसके बाद ठाकुरजी ग्रहण की झांकी के दर्शन होंगे। तत्पश्चात ग्वाल,शृंगार, राजभोग, अध्यापन भोग, संध्या आरती के बाद शाम 5 बजे शयन के दर्शन होंगे। उन्होंने धर्म प्रेमी जनता से दर्शन कर पुण्य के भागी बनने की अपील की है।