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नहीं रही डॉली: हर साजिश का सूंघकर करती थी पर्दाफाश, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, देखें तस्वीरें

Sat, 23 Jul 2022 10:31 PM IST
प्रशांत कुमार माई सिटी रिपोर्टर, आगरा।

सार

उसे विस्फोटक सामग्री को खोजने में महारत हासिल थी। वाराणसी में जब भी प्रधानमंत्री का आगमन होता था, उससे पहले सुरक्षा के लिए डॉली को भेजा जाता था।
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स्निपर डॉग डॉली का निधन - फोटो : अमर उजाला
15वीं वाहिनी पीएसी में तैनात खोजी श्वान ‘डॉली’ का 11 साल की लंबी सेवा के बाद शनिवार को निधन हो गया। उसे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई गई। इस मौके पर कर्मचारियों से लेकर अधिकारी तक मौजूद रहे। यह दृश्य भावुक करने वाला था। पीएसी कमांडेंट नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मादा लैब्राडोर डॉली का जन्म दो अप्रैल 2012 को हुआ था। 15वीं वाहिनी पीएसी में उसकी तैनात 15 सितंबर 2013 को हुई थी। उसे विस्फोटक सामग्री को सूंघकर खोजने में महारत हासिल थी। यही वजह थी कि उसे आगरा के अलावा अन्य शहरों में भी बुलाया जाता था।

16 जुलाई को उसे बुखार आया था। इस पर उसकी देखभाल करने वाले गिरीश कुमार सदर भट्ठी स्थित पशु चिकित्सालय ले गए। लाभ होने पर वापस लाए। मगर, 19 जुलाई को फिर से तबीयत खराब हो गई। उसे पशु चिकिल्सालय से बैटनरी कॉलेज मथुरा रेफर किया गा। वहां गंभीर स्थिति बताई गई।
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स्निपर डॉग डॉली का निधन - फोटो : अमर उजाला
22 जुलाई को भी अस्पताल ले जाया गया। रात तकरीबन तीन बजे डॉली ने अंतिम सांस ली। इस पर उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

 
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स्निपर डॉग डॉली का निधन - फोटो : अमर उजाला
शोक परेड हुई
शनिवार को 15वीं वाहिनी पीएसी परिसर में डॉग डॉली को अंतिम विदाई दी गई। पीएसी कर्मियों से लेकर अधिकारियों ने पुष्प अर्पित किए। इसके बाद सलामी दी गई। शोक परेड हुई। इसके बाद परिसर में ही ससम्मान दफना दिया गया।

 

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स्निपर डॉग डॉली का निधन - फोटो : अमर उजाला
वीवीआईपी मूवमेंट पर जाती थी डॉली
अधिकारियों के मुताबिक, 15वीं वाहिनी पीएसी में दो खोजी श्वान हैं। इनमें एक डॉली थी तो दूसरा वैनेली है। डॉली में सूंघने की क्षमता अधिक थी। इसलिए उसे आगरा में ही नहीं अन्य जिलों में भी वीवीआईपी मूवमेंट पर भेजा जाता था।
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स्निपर डॉग डॉली का निधन - फोटो : अमर उजाला
उसे विस्फोटक सामग्री को खोजने में महारत हासिल थी। वाराणसी में जब भी प्रधानमंत्री का आगमन होता था, उससे पहले सुरक्षा के लिए डॉली को भेजा जाता था।
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