मां अपने दो मासूम बेटों के साथ छत पर सो रही थी। तभी सांप ने डस लिया। परिजन महिला को अस्पताल ले गए। बच्चों को नींद में समझकर छोड़ गए। बाद में जब बच्चे नहीं उठे तो परिवार में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
1 of 5
बच्चों की लाश देख मां बेसुध हो गई।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा के खेरागढ़ में मां सहित दो मासूम बेटों को सांप ने डस लिया। दोनों बच्चों की मौत हो गई। बच्चों की जान बचाने के लिए परिजनों ने धौलपुर से लेकर ग्वालियर तक दाैड़ लगाई। आसपास के बायगीरों और चिकित्सकों तक हर जगह ले गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। जबकि समय से उपचार मिलने से मां विमलेश की जान बच गई।
विज्ञापन
2 of 5
सांप के काटने से दो मासूमों की माैत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जगनेर के गांव मठ भवनई में सोमवार रात विमलेश पत्नी मानपाल गोस्वामी घर की छत पर दो बच्चों कान्हा (8 वर्ष) और रामू (5 वर्ष) के साथ सोई थी। मंगलवार तड़के 3.30 बजे महिला और दोनों बच्चों को सांप ने डस लिया। महिला को तो परिजन को तत्काल ही सीएचसी उपचार के लिए ले गए। लेकिन मासूम बच्चों पर किसी का ध्यान नहीं गया।
विज्ञापन
3 of 5
घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुबह देर तक बच्चों के न जगने पर परिजनों ने उन्हें जगाने की कोशिश की। शरीर में कोई हरकत न होने से आशंकित परिजन बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भी परिजन बच्चों को लेकर धौलपुर से लेकर ग्वालियर और आसपास के इलाकों में बायगीरों व चिकित्सकों के पास दौड़ लगाते रहे। हर तरफ से मायूसी मिलने पर देर रात शव गांव लाए गए।
4 of 5
सांप के काटने से हुई मासूम की माैत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूचना पर पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर बुधवार को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मां विमलेश को भी परिजन बच्चों के अंतिम दर्शन के लिए अस्पताल से वापस ले आए थे। अपने जिगर के टुकड़ों से लिपटकर मां के करुण क्रंदन ने हर आंख को नम कर दिया। करीब तीन बजे दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे दिन शोक संतप्त परिजन को ढांढस बंधाने के लिए ग्रामीण और रिश्तेदार पहुंचते रहे।
एसडीएम ऋषि राव ने बताया कि सर्पदंश से हुई मृत्यु पर दैवीय आपदा के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता हेतु विधिक कार्रवाई की गई है।
सांप के काटने से दाेनों मासूमों की हुई माैत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बच्चों पर नहीं गया किसी का ध्यान
रात को जब विमलेश ने सांप काटने की जानकारी परिजन को दी तो किसी को भी इसका आभास नहीं हुआ कि मासूम भी सर्पदंश का शिकार हो सकते हैं। बच्चों को सोता समझ परिजन विमलेश को उपचार के लिए अस्पताल ले गए। वहीं सुबह देर तक बच्चों के न जगने पर परिजन छत पर पहुंचे। बच्चों को जगाने की कोशिश की, लेकिन शरीर में कोई हरकत न होने पर अनहोनी की आशंका हुई। तुरंत ही चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।