आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और लेडी लॉयल में 150 से अधिक चिकित्सकीय स्टाफ संक्रमित होने के बाद भी लापरवाही बरती जा रही है। यहां अब मरीजों-तीमारदारों की थर्मल स्क्रीनिंग, पल्स ऑक्सीमेट्री जांच नहीं की जा रही है। हाथों को सैनिटाइज तक नहीं कराया जा रहा है। इससे स्टाफ और अन्य मरीजों-तीमारदारों के संक्रमण का बड़ा खतरा है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण कर दोनों अस्पतालों में प्रवेश से पहले सभी की थर्मल स्क्रीनिंग, गर्भवती महिलाओं की पल्स ऑक्सीमेट्री जांच की व्यवस्था करने को कहा था। मास्क पहने लोगों को प्रवेश दिया जाए, जिनके पास नहीं हो उनको मौके पर उपलब्ध कराने को भी कहा। एक मीटर की दूरी पर गोले भी बनाए जाने थे।
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समूह में बिना किसी संक्रमण बचाव के बैठीं महिलाएं
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गार्ड और स्टाफ को हिदायत दी जाएगी
सामाजिक दूरी और थर्मल स्क्रीनिंग का सख्ती से पालन कराने के लिए गार्ड और स्टाफ को हिदायत दी जाएगी। हाथों को सैनिटाइज कराने के लिए भी साबुन और सैनिटाइजर की व्यवस्था कराती हूं। -डॉ. कंचन अग्रवाल, एसआईसी लेडी लॉयल
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बिना सैनिटाइज और थर्मल स्क्रीनिंग के मरीज कर रहे प्रवेश
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सख्ती से नियमों का पालन कराया जाएगा
मास्क और मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग के निर्देश दिए हैं, इसका पालन नहीं करने के संबंध में ट्राएज ओपीडी प्रभारी से रिपोर्ट मांगता हूं। दोनों ही व्यवस्थाओं का सख्ती से पालन कराया जाएगा। -डॉ. संजय काला, प्राचार्य एसएन कॉलेज
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ओपीडी का हाल
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लेडी लॉयल में सटकर खड़ी महिलाएं
लेडी लॉयल में ओपीडी में महिलाएं सटकर खड़ी हैं। यहां गोले नहीं बनाए गए हैं, अंदर प्रवेश करते वक्त पल्स ऑक्सीमेट्री और थर्मल स्क्रीनिंग भी नहीं की गई। हाथों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था नहीं थी। गार्ड थे, लेकिन सामाजिक दूरी का पालन नहीं करवाया जा रहा था।
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एसएन इमरजेंसी की ट्राएज ओपीडी का हाल
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थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे न सैनिटाइजेशन
एसएन इमरजेंसी की ट्राएज ओपीडी में प्रवेश के वक्त थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही थी और हाथों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था भी थी, लेकिन अब इसका पालन नहीं किया जा रहा है। ओपीडी में गार्ड बैठा है, लेकिन मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं की जा रही थी। हाथों को सैनिटाइज भी नहीं कराया जा रहा था।
तीमारदार बोले- संक्रमित होने का डर लगा रहता है
अस्पतालों में लोग मजबूरी में आ रहे हैं, यहां भी बचाव को व्यवस्थाएं न होने से हर समय संक्रमित होने का डर लगा रहता है। -शुभम जैन, मोती कटरा
ओपीडी में भीड़ बहुत होती है। एक ही काउंटर पर पर्चा बनता है और डॉक्टर देखते हैं। अलग-अलग व्यवस्था की जाए तो संक्रमण का खतरा कम होगा। -रजिया खान, माल का बाजार
अस्पतालों का स्टाफ और मरीज भी संक्रमित हो रहे हैं। यहां व्यवस्थाएं ऐसी हैं कि स्वस्थ लोग भी कहीं संक्रमित न हो जाएं, व्यवस्थाएं सुधारनी चाहिए। -अबरार खान, छीपीटोला