अंबेश कुमार गौतम राजस्थान के उदयपुर में नवोदय विद्यालय समिति में डिप्टी कमिश्नर है। उन्होंने बताया कि बेटी को बहुत दिनों से टॉर्चर किया जा रहा था। वह सहन करती जा रही थी। उसे डर था कि
परिवार को बताया तो उसके साथ परिजनों की जान भी खतरे में न पड़ जाए।
डॉ. योगिता के पिता अंबेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी को फोन पर धमकी मिल रही थीं। वह कई दिनों से दहशत में थी लेकिन किसी को बताया नहीं। जब पानी सिर से गुजर गया तो उसने मंगलवार को फोन कर इसकी जानकारी अपनी मां आशा को दी। उसने बताया था कि डॉ. विवेक तिवारी उसे परेशान कर रहा है। पहले कहता था कि शादी नहीं की तो एमबीबीएस की डिग्री निरस्त करा देगा। इसके बाद धमकी देने लगा कि जिंदा नहीं छोड़ेगा। अंबेश कुमार गौतम राजस्थान के उदयपुर में नवोदय विद्यालय समिति में डिप्टी कमिश्नर है। उन्होंने बताया कि बेटी को बहुत दिनों से टॉर्चर किया जा रहा था। वह सहन करती जा रही थी। उसे डर था कि परिवार को बताया तो उसके साथ परिजनों की जान भी खतरे में न पड़ जाए। अगली स्लाइड में पढ़िये पूरा हत्याकांड...
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योगिता
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभाग की पीजी की छात्रा योगिता गौतम की हत्या कर दी गई। 26 वर्षीय योगिता गौतम पुत्री अंबेश गौतम दिल्ली के शिवपुरी कॉलोनी पार्ट 2 की रहने वाली थी। उन्होंने वर्ष 2009 में मुरादाबाद के तीर्थकर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था। 3 साल पहले एसएन मेडिकल कॉलेज में पीजी में एडमिशन लिया था वह नूरी गेट पर लेडी लॉयल अस्पताल के सामने राहुल गोयल के मकान में किराए पर रहती थी। उधर बुधवार सुबह तकरीबन 4:30 बजे डॉकी थाना क्षेत्र के गांव बमरौली में सुनसान रास्ते पर उनकी लाश मिली थी। पुलिस ने पहचान ना होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
हत्या के बाद आगरा पहुंचे योगिता के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बहन को बचाने आए थे... पर उसकी लाश मिली
डॉ. योगिता के भाई मोहिंदर ने बताया कि वे बहन को बचाने के लिए आए थे। उन्हें आभास हो गया था कि कुछ अनहोनी होने वाली है। यहां जब वह घर पर नहीं मिली तो उसे ढूंढ रहे थे। अगर मिल जाती तो शायद हम उसकी जान बचा पाते लेकिन हत्यारों ने पहले ही उसकी जान ले ली।
मेरी होनहार बेटी की जान ले ली...
मां आशा का कहना था कि विवेक कई बार बेटी को धमकी दे चुका था। बेटे को भी जान से मारने की धमकी देता था। इस कारण डर गए थे। उसके खिलाफ शिकायत नहीं की थी। बेटी ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया था। होनहार बेटी की जान ले ली। 15 अगस्त को ही योगिता ने मां को रिजल्ट निकलने की जानकारी दी थी। इससे परिवार खुशी थी। योगिता ने अच्छे नंबरों से परीक्षा पास की थी। वह कोविड अस्पताल में भी तैनात रही थीं। वह हर समय ड्यूटी को प्रमुखता देती थीं। इस कारण हर कोई उनकी तारीफ करता था।
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डॉ. योगिता की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
जान बचाने के लिए किया था संघर्ष
योगिता ने जान बचाने के लिए संघर्ष किया था। उनके हाथों पर नाखूनों के निशान हैं। हाथ में टूटे बाल थे। नाखून मेें भी कुछ फंसा था। इससे आशंका है कि उन्होंने बचने की कोशिश की, लेकिन बच नहीं पाई। इसके बाद शव को यहां लाकर फेंका गया है। घटनास्थल पर संघर्ष के निशान नहीं थे। जिस जगह शव फेंका गया, वहां आगे रास्ता बंद था।
अनजान नंबर से मकान मालिक पर आया था कॉल
मकान मालिक महिला ने बताया कि अनजान नंबर से मंगलवार सुबह दो बार कॉल आया था। पहला कॉल सुबह तकरीबन 10:40 पर आया। कॉल करने वाले ने कहा कि वह योगिता का परिचित है। वह कब आती है और कब जाती है। इसकी जानकारी लेनी है। मगर, मकान मालिक ने मना कर दिया। बीस मिनट बाद फिर से कॉल आया। इस बार भी यही पूछा। तब योगिता कॉलेज गई थीं। दोपहर में आने पर मकान मालिक ने बताया। ट्रू कालर पर कॉल करने वाले की आईडी पार्थ चौधरी के नाम से आ रही थी।
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. योगिता ने पहली कोरोना संक्रमित गर्भवती का कराया था प्रसव
अभी तक नौ महिलाओं की डिलीवरी करा चुकी थीं कोरोना योद्धा स्त्री रोग विभाग की डॉ. योगिता गौतम ने कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में भी ड्यूटी दे रही थीं। इन्होंने कोरोना वायरस के संक्रमित पहली गर्भवती महिला का प्रसव भी कराया था। कोरोना योद्धा संक्रमित नौ गर्भवती महिलाओं का प्रसव करा चुकी थी। डॉ. योगिता की हत्या से चिकित्सक हैरान है।
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प्रदर्शन करते एसएन के जूनियर चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
जूनियर डॉक्टरों ने दी चेतावनी. 48 घंटे में खुलासा नहीं तो चिकित्सकीय सेवाएं ठप कर देंगे
एसएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग की जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या पर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन गुस्से में है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि 48 घंटों में हत्यारोपी नहीं पकड़े गए तो चिकित्सकीय सेवाएं ठप कर देंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सोहन स्वरूप ने कहा कि चिकित्सक के हत्यारे को पकड़कर सजा दिलाई जाए। हत्यारे नहीं पकड़े तो जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे। डॉ. जयदीप पटेल, डॉ. अमित कुमार, डॉ. जुनैद खान, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि डॉ. योगिता सच्ची कोरोना योद्धा थीं।
डॉ. योगिता के परिजन गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. योगिता के परिजन गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां एसएसपी बबलू कुमार भी पहुंचे। मां ने एसएसपी से हाथ जोड़कर रोते हुए कहा, मेरी बेटी को इंसाफ दिलाओ। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।