ताजनगरी में छायी स्मॉग की चादर शुक्रवार को और घनी हुई तो प्रदूषण का स्तर नई उंचाई तक पहुंच गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक 399 दर्ज किया गया जो इस सीजन में सबसे ज्यादा है। यह दो दिनों के अंदर 130 अंक उछला है। हवा की चाल धीमी होने और तापमान में एकाएक कमी के चलते अगले तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता के बहुत खराब श्रेणी में ही बने रहने के आसार हैं।
विज्ञापन
2 of 5
ताजनगरी पर तनी स्मॉग की चादर
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के साथ दिल्ली एनसीआर में हालात और खराब हैं। उत्तर पश्चिमी हवाओं के साथ प्रदूषण का स्तर आगरा में और घना हो रहा है। ताजमहल के पास और नेशनल हाईवे के साथ शहर के खुले क्षेत्रों में ज्यादा धुंध बनी रही।
विज्ञापन
3 of 5
ताजनगरी पर स्मॉग की चादर तनी
- फोटो : अमर उजाला
सुबह की सैर पर निकले लोगों को सड़कों से लेकर गलियों, कॉलोनियों में स्मॉग का असर दिखा। इसी वजह से लोगों को पूरा दिन आंखों में जलन व गले में खराश के साथ सांस लेने में तकलीफ हुई।
4 of 5
उड़ रही धूल
- फोटो : अमर उजाला
उड़ रही धूल बनी मुसीबत
शहर में आईएसबीटी, बसई तिराहे के साथ बोदला सिकंदरा क्षेत्र में प्रदूषण से हालात बेहद खराब हैं। इन जगहों पर सामान्य से 8 से 9 गुना ज्यादा तक धूल कण बने हुए हैं। संजय प्लेस में धूल कणों की मात्रा 485 तक पहुंच गई। सुबह से लेकर रात तक धूल कणों की मात्रा में कमी नहीं आ रही। दहतोरा मोड, पश्चिमपुरी, बोदला, जगदीशपुरा, किशोरपुरा, गढ़ी भदौरिया, लोहामंडी आदि क्षेत्रों में जल निगम द्वारा गहरी सीवर लाइन बिछाने के दौरान मिट्टी छोड़ दी गई है, जिससे सूक्ष्म धूल कण पीएम-2.5 कण और पीएम-10 कणों की मात्रा लगातार बढ़ रही है।