स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर में काम तो कई हो रहे हैं लेकिन इनका रखरखाव ठीक से नहीं हो पा रहा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एमजी रोड पर भगवान टाकीज से प्रतापपुरा के बीच लगाई गईं 25 से अधिक तिरंगा एलईडी बंद हो गई हैं। इनकी मरम्मत तक नहीं की गई है।
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बंद एलईडी
- फोटो : अमर उजाला
21 अगस्त को महापौर नवीन जैन ने शहर को तिरंगा रंग में रंगने की योजना के तहत एमजी रोड के डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों पर तिरंगे रंग की एलईडी का शुभारंभ किया था। हालांकि पहले ही दिन कई खंबों की एलईडी नहीं जली थी। इसके बाद बावजूद किसी ने भी इनके रखरखाव की ओर ध्यान नहीं दिया। स्थिति यह है कि आठ दिन बाद ही 25 से अधिक लाइटें बंद हो गई हैं।
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आगरा आईकॉन
- फोटो : अमर उजाला
स्मार्ट सिटी के तहत फतेहाबाद रोड पर शिल्पग्राम मोड़ पर आगरा आईकॉन लगाया गया है। ‘आई लव आगरा’ के इस आईकॉन को लगभग दो लाख रुपये की लागत से लगाया गया। इसके अंदर भी आकर्षक लाइटें थीं। जोकि आधी बंद हो गई हैं।
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एमजी रोड पर तिरंगा एलईडी
- फोटो : अमर उजाला
एमजी रोड पर तिरंगा एलईडी लगाने में सुरक्षा मानकों को ध्यान नहीं रखा गया है। कई जगह बिजली के तारों को खुला छोड़ दिया है। इससे कभी भी किसी को झटका लग सकता है।
एलईडी खराब होने की जिम्मेदारी नगर निगम की
सवाल: एमजी रोड की तिरंगी एलईडी खराब होने लगी हैं, कौन जिम्मेदार है?
जवाब: जिम्मेदारी तो पूरी तरह से नगर निगम की है। इलेक्ट्रानिक सामान होने के कारण, किसी एलईडी में दिक्कत आ सकती है। उसे
अगले दिन ठीक करा दिया जाता है।
सवाल: मरम्मत पर होने वाला खर्चा कौन वहन करेगा?
जवाब: इस पर अलग से कोई खर्च नहीं किया जा रहा। नगर निगम की टीम ही इसकी मरम्मत करती है।
सवाल: क्या एलईडी की गुणवत्ता ठीक नहीं है?
जवाब: ऐसा नहीं है। चूंकि ये एलईडी खुले में लगी हैं। मौसम की मार भी झेल रही हैं। ऐसे में कोई खराब हो सकती हैं। इनकी गुणवत्ता
ठीक है। अधिकांश एलईडी जल रही हैं।
सवाल: स्मार्ट सिटी के दूसरे काम भी ठीक से नहीं हो रहे?
जवाब: सभी की जिम्मेदारी तय की जा रही है। जो भी काम हुए हैं, उनका परीक्षण कराया जाएगा। खराब होने पर कार्रवाई होगी। नवीन जैन, महापौर