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तस्वीरें: पूनम यादव को मिला अर्जुन अवार्ड, पिता बोले, बेटी ने बढ़ाया देश का मान

Fri, 30 Aug 2019 12:10 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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अर्जुन अवार्ड के बाद कोच व परिजनों के साथ महिला क्रिकेट खिलाड़ी पूनम यादव - फोटो : अमर उजाला
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लेग स्पिनर पूनम यादव को गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खेल दिवस पर उन्हें इस अवार्ड से सम्मानित किया। इस पुरस्कार के पाते ही पूनम यादव अर्जुन अवार्ड पाने वाली देश की 54वीं क्रिकेटर बन गईं। साथ ही पूर्व ओलंपियन जगवीर सिंह, एथलीट विजय सिंह चौहान और वॉलीबाल खिलाड़ी अजीत भदौरिया के बाद वह अर्जुन अवार्ड पाने वाली शहर की चौथी खिलाड़ी बन गईं।
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अर्जुन अवार्ड के साथ क्रिकेटर पूनम व कोच मनोज कुशवाहा - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में देशभर के विभिन्न खेलों की हस्तियां जुटीं। समारोह में पूनम यादव के नाम की घोषणा होते ही पूरा सदन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। 23 साल बाद ताजनगरी की किसी खिलाड़ी को अर्जुन अवार्ड मिलने से शहर में खुशी का माहौल दिखा। इस दौरान लोग घरों में टीवी से चिपके रहे। खेल प्रेमियों ने जश्न मनाकर इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाया। अवार्ड लेते समय पूनम के पिता रघुवीर सिंह, मां मुन्नी देवी, कोच मनोज कुशवाहा के लिए भी यह पल यादगार रहा।
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अर्जुन अवार्ड के साथ क्रिकेटर पूनम व कोच मनोज कुशवाहा - फोटो : अमर उजाला
बेटी को सम्मान मिलने पर पिता रघुवीर सिंह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी ने आज मेरे परिवार के साथ शहर के लोगों का मान बढ़ाया है। पूनम ने आज परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह साबित कर दिया है कि खेल की दुनिया में लड़कियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। जिस समय मेरी बेटी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से अवार्ड ले रही थी, उस समय मेरे पास शब्द नहीं थे। अलग अनुभूति का एहसास हो रहा था। सच कहूं तो मैं आज अपने को दुनिया का सबसे खुशनसीब पिता मान रहा हूं।

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क्रिकेटर पूनम यादव
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लेग स्पिनर पूनम यादव ने कहा जिस समय मेरा नाम अर्जुन अवार्ड के लिए पुकारा गया, उस समय सबसे पहले मैंने अपनी मां और पिता की तरफ देखा। मैं काफी भावुक हो गई। यह अवार्ड अपने माता, पिता, भाई, कोच और शहर के हरेक खेल प्रेमी के आशीर्वाद का परिणाम मानती हूं। पूनम का कहना है कि अर्जुन अवार्ड लेना मेरी जिंदगी का ऐतिहासिक पल बन गया है। भारत के राष्ट्रपति से अवार्ड लेना किसी भी खिलाड़ी के जीवन में बड़ा सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि मैं महसूस करती हूं कि अवार्ड लेने के बाद क्रिकेट के लिए मेरी जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में लड़कियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। खेलों में काफी संभावनाएं हैं। सरकार भी काफी सुविधाएं दे रही है।
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क्रिकेटर पूनम यादव - फोटो : अमर उजाला
पूनम यादव को खेल के शुरुआती सफर में एक बड़ी रुकावट का सामना करना पड़ा था। वाक्या सन 2009 का है जब लड़कों के साथ प्रैक्टिस करने की शिकायत पर वह दो-तीन दिन तक मैदान में नहीं जा सकी थीं। हालांकि, मां मुन्नी देवी भी यह समझ चुकी थीं कि पूनम में क्रिकेट का जुनून है। उसे कई दिनों तक रोका नहीं जा सकता। इसके बाद पूनम के भाई को उन्हें मैदान में लेकर जाने की जिम्मेदारी दी गई।
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भारतीय महिला क्रिकेटर पूनम यादव
बहन जहां हर रोज मैदान में घंटों अभ्यास करती थी, उस समय तक उनका भाई मैदान में ही रहता था। पूनम की मां मुन्नी देवी बताती हैं कि दो-तीन दिन जब पूनम प्रैक्टिस के लिए नहीं जा सकी, तो घर में ही गेंदबाजी का एक्शन करती रहती थीं। उनके पिता रघुवीर सिंह ने भी साफ कर दिया था कि कोई कुछ भी कहे, बेटी को खेलने दो, आगे बढ़ने दो। मुन्नी देवी बताती हैं कि पूनम ने उनसे कहा था कि मां जुनून से ही जग जीता जा सकता है। इसलिए मुझे खेलने दें।
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