ढोल ताशों के उत्सवी संगीत के साथ धुनुची नृत्य पर मां की भक्ति में झूमती महिलाएं। मंगल ध्वनी की ऊर्जावान तरंगों संग माता का डोला। इसी अंदाज में बंगाली समाज द्वारा छठी को आमंत्रित की गई माता को महादशमी के पूजन के बाद उनके परिवार के साथ विदा किया गया।
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मां की विदाई से पहले सिंदूर लगातीं बंगाली समाज की महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
बंगाली समाज द्वारा महादशमी के पूजन से पहले सिंदूर खेला की रस्म को पूरा कर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु की कामना की। इस दौरान सुहागिनों ने एक दूसरे को सिंदूर लगाया।
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मां की विदाई से पहले सिंदूर लगातीं बंगाली समाज की महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
श्रीश्री सर्जनिन दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से बल्केश्वर दुर्गा पार्क में आयोजित पांच दिवसीय दुर्गात्सव का समापन मंगलवार को माता के विसर्जन के साथ हुआ। पूजन कलकत्ता के पुरोहित आदित्यनाथ भट्टाचार्य ने कराया।
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ढोल नगाड़ों के साथ धुनुची नृत्य करते हुए निकाली माता की सवारी
- फोटो : अमर उजाला
माता का विसर्जन बल्केश्वर यमुना कुंड में किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष एससी जैना, सचिव तपन कुमार डे, कोषाध्यक्ष एसके चक्रवर्ती, शांतनु, शशांक दुबे, बीके मलिक, देवजीत चक्रवर्ती, प्रसन्ना भट्टाचार्य, मधुमिता, अतनु चटर्जी, दिलीप रॉय, राहुल, शुकांतो, आशुतोष, अंकित, मनीष, तरुण वेदांत, ममता शर्मा आदि मौजूद रहे।
मां की विदाई से पहले पूजा करतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में सिकंदरा स्थित कैलाश घाट के पास प्रशासन द्वारा यमुना के पानी के कुंड बनाए गए जहां मूर्तियों का विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान माता के भक्त भावुक भी दिखे लेकिन, अगली बरस जल्दी आने की कामना कर मां को विदाई दी।