बागपत जनपद में महाभारतकालीन सादिकपुर, सिनौली गांव को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित किया जा रहा है। एएसआई आगरा सर्किल ने सादिकपुर को राष्ट्रीय महत्व का पुरातत्वीय स्थल घोषित करने की प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह आगरा सर्किल का 267वां संरक्षित स्मारक बन जाएगा। इस साइट से तीन चरणों के उत्खनन में शाही ताबूत, रथ, महिला का कंकाल, धनुष, और तांबे की तलवार समेत कई चीजें सामने आ चुकी हैं।
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सिनौली उत्खनन
सादिकपुर, सिनौली में एएसआई तीन चरणों में उत्खनन कर चुकी है। यहां से मिले पुरावशेषों में मानव बस्ती के प्रमाण, ईंटों की दीवार, महिला का कंकाल, जिसके कानों से सोने के आभूषण मिले हैं। एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद ने सोमवार को प्रारंभिक अधिसूचना जारी की है।
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सिनौली उत्खनन
दो महीने के अंदर यानी 17 अगस्त से पहले तक अगर किसी को इस स्थल को संरक्षित करने में कोई आपत्ति हो तो वो एएसआई कार्यालय में दर्ज करा सकता है। इसके बाद अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। शाही ताबूत के अलावा महाभारतकालीन इस प्राचीन स्थल से मिट्टी की भट्टी, धनुष, मृद भांड़ और तांबे की तलवार मिल चुकी है।
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सिनौली उत्खनन
दन की डरहम यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ भी इस साइट का निरीक्षण कर चुके हैं। साल 2004-05 में एएसआई के उत्खनन के दौरान भी सिनौली में मानव कंकाल, सोने के कंगन और तलवार मिल चुकी है। अब इस साइट को संरक्षित स्थल की अधिसूचना जारी की गई है।
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि प्राचीन स्थल अवशेष सादिकपुर, सिनौली को राष्ट्रीय महत्व के पुरातत्वीय स्थल घोषित करने की अधिसूचना जारी की है। अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वह दो महीने के अंदर दर्ज करा सकता है। इस स्थल से चार हजार साल से ज्यादा पुराने अवशेष मिल रहे हैं।