अयोध्या में बनने वाले श्रीराम मंदिर की नींव में ब्रज की रजत शिला (चांदी की ईंट) लगेगी। यह रजत शिला धर्म रक्षा संघ ने बनवाई है। इसमें ब्रज के प्रमुख तीर्थों की रज भी लगाई गई है। धर्म रक्षा संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस रजत शिला का पूजन हो चुका है। इसे रथ में विराजमान कर ब्रज से अयोध्या ले जाया जाएगा।
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रजत शिला का पूजन
- फोटो : Amar Ujala
वृंदावन धाम आए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य स्वामी परमानंद ने रजन शिला का विधि-विधान से पूजन किया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी चित्तप्रकाशानंद, रजत शिला पूजन यात्रा के संयोजक कार्ष्णि नागेंद्र दत्त, धर्म रक्षा संघ के महामंत्री श्रीदास प्रजापति, महंत मोहिनी बिहारी शरण, गोविंदानंद तीर्थ, स्वामी धर्म देव आदि मौजूद रहे।
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रजत शिला का पूजन में संत
- फोटो : Amar Ujala
परमानंद महाराज ने कहा कि श्रीराम मंदिर आंदोलन में वृंदावन के संत, महंतों एवं राम भक्तों का अतुलनीय योगदान रहा है। इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने धर्म रक्षा संघ द्वारा निर्मित रजत शिला को श्रीराम मंदिर की नींव में रखने का आश्वासन दिया है।
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रजत शिला
- फोटो : Amar Ujala
श्रीराम मंदिर की नींव में लगने वाली इस रजत शिला की वजन करीब साढ़े चार किलो है। इसमें ब्रज के प्रमुख तीर्थों और देवालयों की रज के साथ पौने दो किलो चांदी का प्रयोग किया गया है। रजत शिला पूजन यात्रा के संयोजक कार्ष्णि नागेंद्र दत्त ने बताया कि इस शिला को रथ में विराजमान कर ब्रज से अयोध्या ले जाया जाएगा।
महंत नृत्यगोपाल दास साथ में ब्रज के संत
- फोटो : Amar Ujala
इससे पूर्व वृंदावन प्रवास पर आए महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा था कि ब्रज के संत-महात्माओं के साथ ब्रजवासियों की आस्था श्रीराम मंदिर के साथ है। जल्दी ही श्रीराम मंदिर निर्माण शुरू हो जाएगा। श्रीराम मंदिर के निर्माण में ब्रज की शिलाएं और रज (मिट्टी) भी लगेगी।