सावन माह चल रहा है, जो भोले बाबा का प्रिय महीना है। भोले भंडारी वैसे भी बैरागी हैं और भक्त उन्हें पूरे मन से एक लोटा जल भी अर्पित कर दे तो वह उसकी सारी मुराद पूरी कर देते हैं। धर्माचार्यों के मुताबिक सावन में भोलेनाथ का अभिषेक करने से सारी मनौती पूरी होती है। यही वजह है कि सावन में शहर के प्रमुख शिवालयों में अभिषेक करने वालों की कतार है। स्थिति यह है कि अभिषेक करने के लिए नंबर लग रहे हैं। हर दिन पांच से सात अभिषेक कराए जा रहे हैं। इसके बाद भी भक्तों को इंतजार करना पड़ रहा है। पेश है एक रिपोर्ट...
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कैलाश मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
कैलाश मंदिर के महंत गौरव गिरी ने बताया कि वेद मंत्रोच्चारण के साथ एक अभिषेक को पूरा करने में करीब दो घंटे का समय लगता है। भोले बाबा को प्रसन्न करने के लिए 11 तरह से अभिषेक किया जाता है। एक-एक दिन में अलग-अलग तरह के सात-सात अभिषेक हो रहे हैं।
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कैलाश मंदिर मेला में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पंडित चन्द्रभल्लब शर्मा का कहना कि सोमवार को अगर शिव भक्तों पर समय नहीं है तो वह अन्य दिनों में भी अभिषेक कर सकते हैं। एक अभिषेक पर करीब चार हजार रुपये का खर्च आता है। अभिषेक में जल, बेलपत्र, आंक, धतूरा, भांग, कर्पूर, दूध, चावल, चंदन, भस्म, रुद्राक्ष आदि सामग्री लगती है।
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बल्केश्वर महादेव मंदिर
बल्केश्वर महादेव मंदिर के महंत सुनील नागर ने बताया कि भगवान शिव के अभिषेक यूं तो हर रोज हो रहे हैं, लेकिन सावन में 29 जुलाई और 12 अगस्त को पड़ रहे प्रदोष और पांच अगस्त को नागपंचमी के दिन सबसे अधिक अभिषेक करने वालों की संख्या है। क्योंकि प्रदोष और नागपंचमी दोनों ही भोले बाबा के सबसे प्रिय दिन है।
भगवान शिव का जलाभिषेक करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मन:कामेश्वर महादेव मंदिर, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, राजेश्वर महादेव मंदिर, रावली महादेव मंदिर, कैलाश महादेव मंदिर, बलकेश्वर महादेव मंदिर के अलावा शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों में अभिषेक होते हैं।
अभिषेक का नाम यह फल मिलता है
1. बेलपत्र से - संतान की होती है प्राप्ति।
2. देशी गाय के दूध से - व्यक्ति के ग्रह शांत होते हैं।
3. गंगाजल से - सरकारी नौकरी या फिर व्यापार को बढ़ावा देने के लिए।
4. शहद से - व्यक्ति स्वस्थ्य रहने के लिए।
5. सरसों के तेल से - शस्त्रु नाश के लिए।
6. गन्ने के रस से - लक्ष्मी प्राप्ति के लिए।
7. यमुना जल से - रोगों को खत्म करने के लिए (रोगनाशक)
8. घी से - समाज के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए।
9. कमल गट्टे से - धन दौलत, यश प्राप्ति के लिए।
10. मखाने से - ग्रह शांति के लिए तथा व्यापार उन्नति के लिए।
11. दही से - अपने अंदर की बुराइयों को खत्म करने के लिए।