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Kasganj: शरद पूर्णिमा पर गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, घाटों पर दिखा अद्भुत नजारा

Sun, 09 Oct 2022 03:58 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
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गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
कासगंज जिले में रविवार को शरद पूर्णिमा के अवसर पर गंगा घाटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ा। हर हर गंगे के जयकारों से घाट गूंजायमान हो गए। राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित प्रदेश के दूर दराज इलाकों से आकर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गरीबों, ब्राह्मणों को दान-पुण्य किया। 

शरद पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन स्नान करने से भगवान शिव और भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा बरसती है। इस मान्यता के चलते पर्व के अवसर पर लहरा गंगाघाट, कछला गंगाघाट और हरिपदी गंगा सोरों पर स्नान के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। कई जगह भंडारे में प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मनौतियां मांगी। सुबह से ही श्रद्धालु कछला गंगाघाट, तीर्थनगरी की हरि की पैड़ी, लहरा गंगाघाट, कादरगंज गंगाघाट पर श्रद्धालु स्नान को पहुंचने लगे। हर हर गंगे के जयकारों के बीच श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगा रहे थे। गंगास्नान कर श्रद्धालुओं ने मां गंगा का दूध से अभिषेक किया। गंगा मईया की पैरावनी की गई। तमाम श्रद्धालुओं ने भंडारे आयोजित कर लोगों को भोजन कराया। 
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गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
तीर्थनगरी के हरि की पौड़ी घाट पर गंगास्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर देव दर्शन किए। हरि की पौड़ी मार्ग की परिक्रमा की। परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाले भगवान वराह मंदिर, सीताराम मंदिर, बटुक नाथ मंदिर, सोमेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की खुशहाली की कामना की। 
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गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
वहीं लहरा, कादरगंज गंगाघाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगास्नान को पहुंचे। सायं तक गंगास्नान का सिलसिला चलता रहा। 

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गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
पंडित दिलीप शास्त्री ने बताया कि इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के अत्यधिक नजदीक होता है। मां लक्ष्मी खिले कमल पर पद्मासन मुद्रा में बैठती हैं। वेद विद्वान के मुताबिक मां लक्ष्मी के साथ कुबेर भी होते हैं। शरद पूर्णिमा की रात में मां लक्ष्मी के मंत्र का उच्चारण करने से धन की दिक्कत दूर होती है।
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गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
वहीं शरद पूर्णिमा की रात को दूध की खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखने का विशेष महत्व है। खीर पर चंद्रमा से अमृत बरसता है। मान्यता है रातभर चांदनी पडने के बाद इस खीर का सेवन करने से शरीर को आरोग्य मिलता है। शरद पूर्णिमा की रात में रखी हुई खीर का सेवन दमा के रोगियों को काफी लाभकारी माना जाता है।
 
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