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शबनम के डेथ वारंट पर इस दिन आ सकता है फैसला, मथुरा जेल में फांसी की तैयारी!

Fri, 19 Feb 2021 12:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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अमरोहा शबनम केस - फोटो : अमर उजाला
अपने ही परिवार के सात लोगों की हत्या करने वाली शबनम और उसके प्रेमी सलीम की फांसी को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अमरोहा के जिला जज ने शबनम और सलीम केस की अंतिम रिपोर्ट के लिए 23 फरवरी की तारीख तय कर दी है। इस दिन डीजीसी (जिला शासकीय अधिवक्ता) अपनी रिपोर्ट जिला जज को सौंपेंगे। 

इसमें वह बताएंगे कि शबनम और सलीम के मामले में फांसी के फैसले के खिलाफ कोई अपील लंबित है या नहीं। इसके बाद ही जिला जज द्वारा दोषियों के डेथ वारंट जारी करने के संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि शबनम को मथुरा जेल में फांसी दी जाएगी। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि जेल प्रशासन को अभी इस संबंध में कोई अधिकृत सूचना प्राप्त नहीं हुई है। 
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अमरोहा शबनम केस: शबनम और सलीम - फोटो : अमर उजाला
अमरोहा के गांव बावनखेड़ी की रहने वाली शबनम ने 14 अप्रैल 2008 की रात प्रेमी के साथ मिलकर अपने सात परिजनों की हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में 16 अगस्त 2010 को जिला जज अमरोहा सैयद आमिर अब्बास हुसैनी ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई। दोनों के अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक फांसी की सजा को चुनौती दी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। राष्ट्रपति ने भी दया याचिका को ठुकरा दिया है। 
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अमरोहा शबनम केस: शबनम - फोटो : अमर उजाला
शबनम को भले ही सभी न्यायालयों ने फांसी की सजा सुना दी हो, लेकिन जिला जज अमरोहा की अदालत में इसकी आखिरी प्रक्रिया बाकी है। इसके लिए जिला जज सुरेंद्र सिंह ने 23 फरवरी तय की है। इस दिन डीजीसी महावीर सिंह द्वारा केस की आखिरी रिपोर्ट पेश की जाएगी। इसमें वह बताएंगे कि इस मामले में कोई अपील शबनम-सलीम की फांसी के लिए लंबित है या नहीं। यदि कोई अपील लंबित होगी तो पहले उस अपील पर विचार किया जाएगा। 

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अमरोहा शबनम केस: शबनम और सलीम - फोटो : अमर उजाला
अमरोहा जिला जज के निर्देश के बाद डीजीसी महावीर सिंह इस कार्य में जुट गए हैं। उन्होंने बताया कि वह इस संबंध में सभी जानकारियों को जुटाकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे और अपनी रिपोर्ट जिला जज को सौंपेगे। उधर, अभी तक शबनम के वकील रहे अरशद अंसारी भी इसे लेकर पैरवी में जुट गए हैं। उनका कहना है कि हालांकि सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं, लेकिन वह अभी भी शबनम के लिए प्रयास करेंगे।
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मथुरा जेल - फोटो : अमर उजाला
केवल जेल मैनुअल तक सीमित मथुरा का महिला फांसीघर
उत्तर प्रदेश का एकमात्र महिला फांसीघर मथुरा जेल में है। जिसका उल्लेख जेल मैनुअल में है। जेल अधिकारियों के मुताबिक अभी यह फांसीघर पूरा तक नहीं है। फांसीघर के नाम पर केवल एक छोटा सा स्ट्रचर है। जिसमें अभी तक किसी महिला कैदी को फांसी नहीं दी गई है। फांसीघर में बहुत सी कमियां हैं। इसमें फांसी लगाने के लिए होने वाले लीवर तख्ता आदि नहीं हैं। यहां तक कि सीढ़ियों की भी मरम्मत करानी पड़ेगी। 
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अमरोहा शबनम केस: शबनम - फोटो : अमर उजाला
मथुरा जेल के जेलर एमपी सिंह ने बताया कि अभी महिला फांसीघर अधूरा है। हम केवल सामान्य साफ सफाई करा रहे हैं। अधिकृत रूप से उनके पास कोई सूचना नहीं है। मीडिया से सूचनाएं आने के बाद हमने बक्सर जेल से रस्सी का स्टीमेट मांगा है। स्टीमेट आने के बाद हम उस पर विचार करेंगे कि रस्सी मंगानी है या नहीं। चूंकि रस्सी को तैयार करने में समय लगता है, इसलिए हमें इसकी तैयारी पहले से करनी पड़ेगी।
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