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श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद प्रशासन हुआ अलर्ट, सुरक्षा बढ़ाई

Mon, 28 Sep 2020 12:27 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के बाहर तैनात पुलिस - फोटो : अमर उजाला
श्रीकृष्ण जन्मभूमि और उसके आसपास की भूमि को मुक्त कराने को लेकर न्यायालय में याचिका दाखिल होने के बाद मथुरा में हलचल बढ़ गई है। लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी हैं। शनिवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि और ईदगाह के आसपास पुलिस और पीएसी अलर्ट रही। संदिग्धों की जांच की गई। साथ ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य द्वार पर कमांडो और डॉग स्क्वाड भी तैनात हैं। हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। 
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा - फोटो : अमर उजाला
श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मामला अदालत पहुंच गया है। श्रीकृष्ण विराजमान नाम से अदालत में एक याचिका दाखिल कर 13.37 एकड़ जमीन का मालिकाना हक मांगा गया है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरीशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन ने श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से मथुरा में सीनियर सिविल जज छाया शर्मा की अदालत में याचिका दाखिल की है। इनमें 13.37 एकड़ की श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मालिकाना हक मांगा गया है।


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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा - फोटो : Amar Ujala
श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से अदालत में याचिका दाखिल होने के बाद श्रीकृष्ण जन्मस्थान, शाही ईदगाह के साथ वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना, दाऊजी जैसे प्रमुख धर्मस्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एसपी सुरक्षा आरके मिश्रा ने बताया कि हमने संस्थान की सुरक्षा को और भी चाक-चौबंद कर दिया है। साथ ही शाही ईदगाह मस्जिद की सुरक्षा को भी सतर्क कर दिया है। 

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श्रीकृष्ण जन्मस्थान और बराबर में शाही मस्जिद, मथुरा - फोटो : अमर उजाला
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के विशेष कार्याधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य वर्तमान कटरा केशव देव स्थित कंस के कारागार में लगभग 5247 वर्ष पूर्व हुआ था। श्रीकृष्ण के प्रपौत्र व्रजनाभ ने उसी का कारागर स्थली पर श्री केशव देव के प्रथम मंदिर की स्थापना की। कालांतर में यहां बार-बार मंदिरों का निर्माण हुआ। अंतिम 250 फीट ऊंचा मंदिर जहांगीर के शासनकाल में ओरछा के राजा वीर सिंह देव ने बनवाया, जिसे औरंगजेब ने 1669 में ध्वस्त कर मंदिर की सामग्री से मंदिर के अग्रभाग पर ईदगाह मस्जिद बनवाई, जो वर्तमान में विद्यमान है। 


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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा - फोटो : अमर उजाला
ईदगाह इंतजामिया कमेटी के सचिव तनवीर अहमद एडवोकेट ने कहा कि मथुरा सौहार्द की नगरी है। यहां ईद पर हिंदू गले मिलने आते हैं तो होली पर हम लोग उनके गले मिलते हैं। दीवाली और जन्माष्टमी साथ-साथ मनाते आए हैं। कोई विवाद की स्थिति है ही नहीं और आगे भी नहीं होगी। दोनों धर्म स्थल बराबर हैं। मंदिर में भगवान की पूजा होती है और मस्जिद में नमाज अदा होती है। 1967 में दोनों धर्मस्थल के पदाधिकारियों के बीच आपनी भाईचारे और आदर बनाए रखने के लिए भी समझौता हुआ है। हम देखेंगे कि दायर याचिका में हमें पार्टी बनाया गया है या नहीं। इसके बाद ही कमेटी आगे का निर्णय लेगी।
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