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एक्सप्रेस-वे पर हादसा: सड़क पर बिखरीं लाशें, 7 की मौत, छिन गई बुढ़ापे की लाठी; हलवाई बेटों के भरोसे थी जिंदगी

Wed, 04 Mar 2026 07:33 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

उत्तर प्रदेश के हाथरस में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बड़ा सड़क हादसा हुआ। कार और बस के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में 7 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।  इस हादसे में हलवाई बेटे विजय और बहू पिंकी की भी जान चली गई। 

 
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हादसे में क्षतिग्रस्त ईको वैन व बस - फोटो : संवाद
 सादाबाद हादसे में हलवाई बेटे विजय और बहू पिंकी की मौत से चौरंगाबीहड़ गांव के बुजुर्ग माता-पिता के बुढ़ापे की लाठी छिन गई। दोनों हलवाई बेटों के भरोसे जीवन यापन कर रहे थे। 6 महीने पहले बीमारी ने बड़े बेटे अजय बघेल को छीन लिया था। अब दूसरे नंबर के बेटे विजय और उसकी पत्नी पिंकी की हादसे में मौत हो गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है।

चौरंगाबीहड़ गांव की सुनीता की शादी शमसाबाद के सुरडई गांव के सुखराम के साथ हुई थी। करीब 30 साल से दंपती चौरंगाबीहड़ में रह रहे हैं। उनके पास कृषि भूमि नहीं है। 5 बेटों में से बड़े अजय बघेल की 6 महीने पहले बुखार आने के बाद मौत हो गई थी। अजय बघेल दिल्ली में हलवाई की दुकान चलाता था।
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विजय और पिंकी का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अजय की मौत के बाद विजय ने दुकान की जिम्मेदारी संभाल ली थी। तीसरे नंबर का बेटा संजय अहमदाबाद में काम करता है। दो दिन पहले ही होली पर घर आया है। चौथे नंबर के अरविंद और पांचवें नंबर के पंकज गांव में रह कर पशुपालन में करते हैं। अजय के बाद विजय ही बुजुर्ग माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा थे।
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अस्पताल में भर्ती घायल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मंगलवार सुबह फोन कॉल आया। सुखराम और सुनीता के आंसू नहीं रुक रहे। बोले कि बेटे और बहू से पहले ईश्वर उन्हें ही उठा लेता। बुढ़ापा कैसे कटेगा? बच्चे कैसे पलेंगे? उनके करुण क्रंदन पर हर किसी के आंसू निकल आए। घायल बच्चों के इलाज में भी परिवार लगा हुआ है। वहीं चौरंगाबीहड़ गांव शोक है।
 

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एक्सप्रेसवे हादसे में आगरा के चार लोगों की माैत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रवेश दिलाने गई थी हादसे में घायल हुए अजय के बेटा बेटी
 सादाबाद हादसे में मरने वाले दंपती विजय और पिंकी के साथ उनके भाई अजय का बेटा आर्यन और बेटी अंशु भी थे। विजय के भाई पंकज ने बताया कि 15 दिन पहले आर्यन और अंशु को दिल्ली में प्रवेश दिलाने के लिए अजय का साला सूरज छोड़ने गया था जबकि चौरंगाबीहड़ में अजय बघेल के बेटे आर्यन के साथ उनकी पत्नी प्रीति गांव में रह रही है। विजय पर अपने और अजय के परिवार की देखभाल का जिम्मा था। प्रीति बच्चों के घायल होने एवं जेठ और जेठानी की मौत से सुधबुध खो बैठी है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
ये हुए घायल
हादसे में विजय का बेटा लक्ष्य (एक), बेटी प्राची (3), भतीजे आर्यन (08), अंशु (06), साली पूनम बघेल (15) घायल हो गईं। इनके अलावा ईको चालक वीरेंद्र निवासी गडरपुर, राजाखेड़ा, वीरेंद्र का बेटा आयुष, मनोज निवासी बाजना, मनोज की पत्नी रानी व तीन साल का बेटा जयदीप उर्फ रोहिल घायल हुए हैं।
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