शिकोहाबाद की पटाखा फैक्ट्री में धमाका इतना तेज था फैक्ट्री की दीवारें दरक गई। टिनशेड उड़ गया। दूसरी मंजिल की छत तक धराशायी हो गई। वहां काम कर रहे श्रमिकों ने सिर्फ धमाका सुना और कान सुन्न पड़ गए।
विज्ञापन
2 of 5
धमाका
- फोटो : अमर उजाला
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ श्रमिक मलबे में दबे हो सकते हैं। फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरे में धमाके एवं उसके बाद की पूरी स्थिति कैद हो गई। अधिकारियों के वहां जाने के बाद इसका खुलासा हुआ। फैक्ट्री के अंदर करीब 50 से 60 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें महिला श्रमिक मौजूद दिखाई दे रहीं है।
विज्ञापन
3 of 5
धमाका
- फोटो : अमर उजाला
फैक्ट्री में धमाके के बाद लगी आग में घायल श्रमिकों के साथ काम कर रहे कानपुर देहात के रसूलाबाद के गांव कछपुरवा निवासी घनश्याम पुत्र खुशीलाल ने कहा सभी श्रमिक काम में व्यस्त थे। अचानक तेज धमाका हुआ। उसकी आवाज इतनी तेज थी कि कान सुन्न पड़ गए।
4 of 5
धमाका
- फोटो : अमर उजाला
ऐसा लगा कि आग का गोला निकला हो और फिर चहुंओर चीखपुकार मच गई। मैं खुद बचाव के लिए भागा। मैंने तो जब पीछे मुड़कर देखा तो हमारे गांव के कई लोग आग से घिरे थे। घनश्याम कहते हैं कि फैक्ट्री में क्या बन रहा था मुझे नहीं पता क्योंकि हम लोग करीब दस 12 दिन पहले ही आए थे।
जिस समय हादसा हुआ वीड्स फैक्ट्री में काम करने वाले सभी मजदूर जा चुके थे। आतिशबाजी वाले क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर ही रुके हुए थे। वीड्स फैक्ट्री में काफी मजदूर काम कर रहे थे। यदि हादसा उस दौरान होता तो गंभीर होता।