सावन का महीना शुरू होने वाला है। सावन का पहला सोमवार 10 जुलाई को है। ये महीना शिव जी का बेहद प्रिय है। शिव भक्त शिव जी को मनाने के लिए तरह-तरह की चीजें भेंट करते हैं। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि सावन का महीना चार जुलाई से शुरू होने वाला है। सावन का महीना चार जुलाई से शुरू होने वाला है।
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भगवान शिव की विशालकाय प्रतिमा
- फोटो : Facebook/Shree Dwarkadhish Temple
सावन का महीना यानि श्रावण मास पर शिव मंदिरों में जलाभिषेक की तैयारियां पूरी हो गई हैं। गुरु पूर्णिमा के दिन सोमवार (तीन जुलाई) को सभी प्रमुख शिवालयों में पूजन शुरू हो जाएगा। भक्तों को कोई दिक्कत नहीं हो, इसकी व्यवस्था कर ली गई है। हालांकि सावन को पहला सोमवार 10 जुलाई को है, लेकिन गुरु पूर्णिमा से ही पूजन व जलाभिषेक शुरू हो जाएंगे।
मनकामेश्वर मंदिर :
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि सोमवार से सावन के जलाभिषेक शुरू हो जाएंगे। सुबह पांच बजे जलाभिषेक व मंगला आरती, सुबह छह बजे रुद्राभिषेक आरती होगी। दोपहर में डेढ़ से ढाई बजे के बीच मध्याह्न पूजा के वक्त लाइव प्रसारण मनकामेश्वर पेज पर देखा जा सकेगा। देश-विदेश के भक्त भी पूजा में जुड़ सकेंगे। शाम को सात बजे श्रावणी पूजा, आरती व प्रसादी होगी।
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शिवजी
- फोटो : सोशल मीडिया
कैलाश महादेव मंदिर :
यहां भी गुरु पूर्णिमा से ही जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। महंत गौरव गिरि ने बताया कि सुबह छह बजे जलाभिषेक होगा। सुबह 7:30 बजे मंगला आरती, नौ बजे पूजा व भंडारा होगा। शाम चार बजे अभिषेक व सात बजे आरती, फूल बंगला के आयोजन होंगे।
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ज्योतिर्लिंग में किया गया शिवजी का विशेष श्रृंगार।
- फोटो : सोशल मीडिया
बाबा बल्केश्वर महादेव मंदिर :
महंत कपिल नागर ने बताया कि रोज की तरह शृंगार होंगे। सुबह सात बजे आरती व शृंगार के बाद भक्त बाबा भोलेनाथ का दर्शन कर सकेंगे। सुबह 10 बजे महाआरती फिर शृंगार होगा। तीन जुलाई से श्रावण मास का पूजन शुरू हो जाएगा।
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शिवजी का पूजन करते भक्त।
- फोटो : अमर उजाला।
राजेश्वर महादेव मंदिर :
मुख्य पुजारी रुपेश उपाध्याय ने बताया कि सावन के पहले सोमवार 10 जुलाई को मेला लगेगा। श्रावणी पूजन 3 जुलाई से ही शुरू हो जाएगा। भोर चार बजे अभिषेक, शृंगार व 4:30 बजे मंगला आरती, दोपहर 12 बजे अभिषेक, शृंगार और आरती होगी। शाम को छह बजे अभिषेक, शृंगार और आरती होगी।
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शिवजी का पूजन करते भक्त।
- फोटो : अमर उजाला।
रावली महादेव मंदिर :
महंत अर्चना शर्मा ने बताया कि सुबह से ही सोमवार को अभिषेक होगा। बाबा का शृंगार फिर पांच आरती, भोग होगा। फूल बंगला व लाइटिंग 10 जुलाई को होगी।
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शिवजी का पूजन करते भक्त।
- फोटो : अमर उजाला।
इच्छा अनुसार शिवलिंग पर ये चढ़ाएं
गाय का दूध- शिवलिंग पर दूध चढ़ाने से मनुष्य की हर मनोकामना पूर्ण होती है। चंद्रमा प्रबल होता है और उज्ज्वल स्थान प्राप्त होता है।
गन्ने का रस- इसे चढ़ाने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
सरसों का तेल- शत्रुओं पर विजय की प्राप्ति होती है। अपार शांति और सकारात्मकता के साथ स्वस्थ मन और उत्तम शरीर का आनंद प्राप्त होता है l
शहद- व्यक्ति के अंदर मिठास की तरह उसके कर्म और विचारों में शुद्धता आती है एवं रोगों से मुक्ति मिलती है शरीर एकदम स्वस्थ रहता है l
बेलपत्र- दरिद्रता दूर होती है। धन-धान्य में वृद्धि होती है। महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है l
गंगाजल- भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं l गंगाजल हमेशा ताम्र पात्र में ही चढ़ावें ।
ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजन के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 9:12 बजे से लेकर 1:42 बजे दोपहर तक है। इस दिन भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी, शिव-पार्वती की पूजा की जाती है। गाय का पूजन व दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और शारीरिक कष्ट भी समाप्त होते हैं।