आगरा में सावन के चौथे सोमवार को भी शिव मंदिरों में पुलिस का पहरा है। इस सोमवार को पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में मेला लगता था। इस बार यह नहीं लगेगा। श्रद्धालु यहां आ सकते हैं, इस आशंका में रविवार की रात ही पुलिस तैनात कर दी गई। मंदिर के अंदर सजावट की गई है। सुबह पुजारियों ने भोले का विशेष अभिषेक किया। मंदिरों के पट बंद होने के कारण श्रद्धालुओं को घर पर ही पूजा-अर्चना करनी पड़ी।
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कैलाश महादेव मंदिर में स्थापित हैं दो शिवलिंग
- फोटो : अमर उजाला
शहर के प्रमुख शिवालयों में श्रीराजेश्वर महादेव मंदिर, कैलाश महादेव मंदिर, बल्केश्वर महादेव मंदिर, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर और मन:कामेश्वर मंदिर शामिल हैं। मन:कामेश्वर मंदिर शहर के बीच में है। शेष चारों शहर के अलग अलग कोनों पर स्थापित हैं। सावन के हर सोमवार को एक एक कर मंदिर में मेला लगता है।
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पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
चौथे सोमवार को पृथ्वीनाथ पर मेला लगने की परंपरा चली आ रही है। इस बार यह नहीं लगेगा। मन:कामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी और कैलाश मंदिर के गौरव गिरी ने बताया कि हर सोमवार की तरह भोले का विशेष अभिषेक किया जाएगा। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि मंदिरों में पुलिस तैनात रहेगी। लोगों से अपील है कि वे घर में ही पूजा अर्चना करें।
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पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर (फाइल फोटो)
पृथ्वीनाथ चौहान से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
शाहगंज स्थित पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर के महंत अजय राजौरिया ने बताया कि मंदिर का इतिहास महाराजा प्रथ्वीराज चौहान से जुड़ा है। इसी कारण इसका नाम पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर है। ऐसा सुनते आए हैं कि पृथ्वीनाथ चौहान ने ही शिवलिंग की खोजकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद से ही यहां पर शिवजी पूरे परिवार के साथ विराजमान हैं। आज जहां मंदिर है, वहां कभी घना जंगल हुआ करता था।
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पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में पूजा करते सांसद व अन्य लोग (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
पेड़ की जड़ के साथ मिला शिवलिंग
एक बार पृथ्वीराज चौहान इस तरफ से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने यहां पर आराम करने का मन बनाया। उन्होंने अपना घोड़ा बांध दिया, लेकिन कुछ देर बाद ही वह खुल गया। बहुत बार कोशिश की, लेकिन घोड़ा बांध नहीं पाए। वहां एक अकौआ (आक) का पेड़ था। राजा को लगा कि इस पेड़ में कोई भूत प्रेत है, इसलिए लोगों का भय दूर करने के लिए उसे उखाड़ तो जड़ के साथ लगा शिवलिंग नजर आया। खोदाई कराई तो शिवलिंग का कोई ओर-छोर नहीं मिला। उन्होंने पूजा-अर्चना की। इसके बाद सेठों ने मंदिर बनवा दिया। यहां जो भी भक्त सच्चे मन से कुछ भी मांगता है, तो उसकी हर मुराद पूरी होती है।
मंदिर खुलें तो मन को शांति मिले
सावन के सात दिन ही बचे हैं। अब मंदिर खुल जाने चाहिएं। मन की शांति के लिए यह जरूरी है - सुनीता शर्मा , अर्जुन नगर
लोगों में निराशा बढ़ रही है
पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में चौथे सोमवार को भी नहीं जा पाएंगे। यह सोचकर ही निराशा होती है। फेसबुक पर दर्शन करेंगे लेकिन मंदिरों के न खुलने से निराशा बढ़ रही है। - हेमलता शर्मा, शाहगंज